लड़कियों की अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाले आरोपी साहिल को पौड़ी पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल
पौड़ी।। पौड़ी पुलिस ने एक गंभीर मामले का खुलासा करते हुए नाबालिग लड़की के अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाले आरोपी साहिल को कर्नाटक के श्रीरंगापटनम से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी Ola Party Live App के माध्यम से लड़कियों से दोस्ती कर उन्हें अपने जाल में फंसाता और फिर उनके निजी पलों के वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करता था।
दिनांक 11 जुलाई 2025 को एक स्थानीय निवासी ने कोतवाली पौड़ी में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग बहन को एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा अश्लील वीडियो के ज़रिए ब्लैकमेल किया जा रहा है और वीडियो इंटरनेट पर डालने की धमकी देकर उसे साथ रहने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इस संबंध में कोतवाली पौड़ी में मुकदमा अपराध संख्या 41/2025 धारा 78 बीएनएस व 11(2)(5)/12 पोक्सो एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी श्री लोकेश्वर सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से अभियुक्त की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। निर्देशों के क्रम में क्षेत्राधिकारी पौड़ी श्री त्रिवेन्द्र सिंह राणा के पर्यवेक्षण और प्रभारी कोतवाली पौड़ी श्री कमलेश शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। विवेचक द्वारा की गई सघन विवेचना, तकनीकी सर्विलांस और गुप्त सूचना के आधार पर अभियुक्त साहिल की पहचान की गई।
दिनांक 25 जुलाई 2025 को पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त साहिल पुत्र शराफत अली, मूल निवासी ग्राम ओसीका, थाना बड़ौत, जिला बागपत, उत्तर प्रदेश, वर्तमान में अंगदी स्ट्रीट, अराकेरे विलेज, श्रीरंगापटनम, कर्नाटक में निवासरत को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पूछताछ के दौरान अभियुक्त ने बताया कि वह Ola Party Live App के माध्यम से लड़कियों से संपर्क करता था, फिर उनकी आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करता और उनसे शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डालता। अभियुक्त के मोबाइल फोन की जांच के दौरान पीड़िता का अश्लील वीडियो सहित 10 से अधिक अन्य लड़कियों से संपर्क की जानकारी भी सामने आई है।
इस सफल कार्यवाही में उपनिरीक्षक हेमलता सेमवाल, उपनिरीक्षक मेहराजुद्दीन एवं आरक्षी दिगम्बर की भूमिका सराहनीय रही। पौड़ी पुलिस की इस संवेदनशील, त्वरित एवं तकनीकी रूप से सशक्त कार्रवाई से नाबालिग पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है।

