रामगाँव-बौर पंचायत भूमि की नीलामी के विरोध में एकजुट हुए जनप्रतिनिधि, भूख हड़ताल और आंदोलन की चेतावनी

रामगाँव-बौर पंचायत भूमि की नीलामी के विरोध में एकजुट हुए जनप्रतिनिधि, भूख हड़ताल और आंदोलन की चेतावनी
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टिहरी ।जनपद की राम गाँव न्याय पंचायत की बैठक में पंचायत भूमि की प्रस्तावित नीलामी के खिलाफ जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने एकजुट होकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। पूर्व प्रधान नत्थी सिंह कैन्तुरा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पंचायत भूमि की निशानदेही कर नीलामी प्रक्रिया तत्काल रद्द करने की मांग उठाई गई।

बैठक में सर्वसम्मति से पूर्व राज्य मंत्री खेम सिंह चौहान, पूर्व राज्य मंत्री अतर सिंह तोमर, पूर्व कनिष्ठ प्रमुख कुलदीप पंवार तथा जिला पंचायत सदस्य शीशपाल राणा को संरक्षक मंडल में शामिल किया गया। वहीं विजेंद्र सिंह रावत, ऋषि भट्ट, विक्रम सिंह अधिकारी और दिनेश भंडारी को समन्वयक (कोऑर्डिनेटर) की जिम्मेदारी सौंपी गई।

बैठक में उपस्थित ग्राम प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने प्रस्ताव पारित करते हुए मांग की कि ग्राम बौर और रामगाँव की पंचायत भूमि की शीघ्र निशानदेही कराई जाए तथा नीलामी का टेंडर तत्काल निरस्त किया जाए। साथ ही निशानदेही के बाद पंचायत भूमि से अतिक्रमण हटाकर उसे कब्जामुक्त कराने की भी मांग की गई।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पंचायत भूमि की नीलामी से स्थानीय हित प्रभावित होंगे। बैठक में स्पष्ट कहा गया कि यदि भूमि को भूमाफियाओं के हाथों सौंपने के उद्देश्य से नीलामी की जा रही है तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।

जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों के भीतर नीलामी प्रक्रिया निरस्त करने की कार्रवाई शुरू नहीं की गई तो वे भूख हड़ताल पर बैठने के साथ उग्र आंदोलन शुरू करेंगे। बैठक में शिक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य और अन्य जनहित से जुड़े प्रस्ताव भी पारित किए गए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी मांगों और प्रस्तावों से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी टिहरी को भेजा जाएगा।
कार्यक्रम में विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और स्थानीय जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

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