आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में कटौती सरकार की वादाखिलाफी: जन संघर्ष मोर्चा

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में कटौती सरकार की वादाखिलाफी: जन संघर्ष मोर्चा
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विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के 10 दिन के मानदेय में कटौती के आदेश को सरकार की वादाखिलाफी करार दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आंदोलन के दौरान हड़ताल अवधि का मानदेय न काटने और विशेष अवकाश में समायोजित करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब इसके विपरीत मानदेय कटौती का फरमान जारी कर दिया गया है।

पत्रकार वार्ता में नेगी ने बताया कि कुछ माह पूर्व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मानदेय वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर करीब एक माह तक आंदोलनरत रहे थे। शासन के आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया था। वार्ता के दौरान मानदेय बढ़ाने और हड़ताल अवधि का वेतन न काटने का भरोसा दिया गया था, लेकिन न तो मानदेय में वृद्धि हुई और न ही वादे पूरे किए गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पिछले दो-तीन माह से मानदेय नहीं मिला है। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों का भवन किराया भी कई महीनों से लंबित है, जिससे भवन स्वामी लगातार कार्यकर्ताओं पर भुगतान का दबाव बना रहे हैं। इस स्थिति के कारण कार्यकर्ताओं को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।

रघुनाथ सिंह नेगी ने महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य पर निशाना साधते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं की समस्याओं के समाधान की ओर कोई गंभीर पहल नहीं की जा रही है। उन्होंने सरकार से शीघ्र मानदेय वृद्धि लागू करने, 10 दिन की मानदेय कटौती का आदेश वापस लेने तथा लंबित मानदेय और भवन किराए का तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि जन संघर्ष मोर्चा जल्द ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की इन सभी मांगों को सरकार के समक्ष मजबूती से उठाएगा।

पत्रकार वार्ता में हाजी असद और प्रवीण शर्मा पिन्नी भी उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

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