उत्तराखंड विधानसभा का 2025 का प्रथम सत्र संपन्न, वार्षिक बजट और सख्त भू-कानून समेत कई अहम विधेयक पारित

उत्तराखंड विधानसभा का 2025 का प्रथम सत्र संपन्न, वार्षिक बजट और सख्त भू-कानून समेत कई अहम विधेयक पारित
Spread the love

देहरादून।उत्तराखंड विधानसभा के पांचवीं विधानसभा के 2025 के प्रथम सत्र का समापन हो गया। इस सत्र में राज्य के विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। इनमें वार्षिक बजट 2025-26 और सख्त भू-कानून प्रमुख रहे।

विधानसभा के पांचवें दिन 22 फरवरी को, सरकार ने विनियोग विधेयक के साथ 29 विभागों के बजट को मंजूरी दी। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन, सिंचाई, वन, ऊर्जा और परिवहन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में वित्तीय आवंटन किया गया।

मुख्य बजट आवंटन:

  • शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण, संस्कृति – ₹11,909.19 करोड़
  • चिकित्सा एवं परिवार कल्याण – ₹4,292.95 करोड़
  • कृषि कर्म और अनुसंधान – ₹1,259.94 करोड़
  • सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण – ₹1,897.73 करोड़
  • पर्यटन – ₹478.76 करोड़
  • वन – ₹1,114.83 करोड़
  • ऊर्जा – ₹1,659.59 करोड़
  • परिवहन – ₹396.94 करोड़

सरकार ने यह बजट राज्य के बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया। विपक्ष ने कुछ मुद्दों पर सवाल उठाए, लेकिन सरकार के बहुमत के चलते सभी प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई।

उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन सदन में 10 महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। इनमें उत्तराखंड राज्य विधानसभा (सदस्यों की उपलब्धियां और पेंशन) (संशोधन) विधेयक-2025 भी शामिल रहा, जिसमें विधायक मो. शहजाद द्वारा प्रस्तावित संशोधन को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया।

इन विधेयकों में नगर निकायों एवं प्राधिकरणों हेतु विशेष प्रावधान (संशोधन) विधेयक-2025, उत्तराखंड निक्षेपक (जमाकर्ता) हित संरक्षण (वित्तीय अधिष्ठानों में) (निरसन) विधेयक-2025, उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास (संशोधन) विधेयक-2025, उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय विधेयक-2025 और उत्तराखंड उत्तर प्रदेश लोक सेवा (शारीरिक रूप से विकलांग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित और पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण) अधिनियम 1993 (संशोधन) विधेयक-2025 शामिल रहे।

इसके अलावा, उत्तराखंड लोक सेवा (कुशल खिलाड़ियों के लिए क्षैतिज आरक्षण) (संशोधन) विधेयक-2025, उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2025 और उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश और भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950) (संशोधन) विधेयक-2025 को भी सदन की मंजूरी मिली।

सत्र के चौथे दिन 21 फरवरी को, उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम, 1950) (संशोधन) विधेयक, 2025 पारित किया गया। यह विधेयक प्रदेश में भूमि की अंधाधुंध खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने के लिए लाया गया है।

नए प्रावधानों के तहत:

  • प्रदेश के 11 पहाड़ी जिलों में बाहरी लोगों के लिए कृषि एवं उद्यान की जमीन खरीद पर रोक
  • 12.5 एकड़ से अधिक भूमि खरीदने पर प्रतिबंध
  • हरिद्वार और उधम सिंह नगर जिलों में भूमि खरीद के लिए सरकार की मंजूरी अनिवार्य

अन्य महत्वपूर्ण फैसले

  • राज्य के मेडिकल कॉलेजों में 156 एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसरों की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में
  • हल्द्वानी, देहरादून और श्रीनगर मेडिकल कॉलेजों में न्यूरो फिजिशियन एवं गैस्ट्रोलॉजिस्ट के पद सृजित
  • मेडिकल कॉलेजों में पीजी की सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया
  • पैरामेडिकल, तकनीशियन व अन्य नॉन-मेडिकल पदों को जल्द भरने के निर्देश

सरकार का कहना है कि पारित किए गए विधेयक उत्तराखंड के समग्र विकास में सहायक होंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “यह बजट राज्य की प्रगति और जनता की भलाई के लिए मील का पत्थर साबित होगा। वहीं, भू-कानून उत्तराखंड की पारिस्थितिकी और संस्कृति की रक्षा के लिए आवश्यक था।”

विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष ने महंगाई, बेरोजगारी और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार को घेरने का प्रयास किया, लेकिन सभी विधेयक बहुमत से पारित हो गए।

देवभूमि खबर

Related articles