आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की प्रदेश स्तरीय बैठक सम्पन्न, सरकार से मांगों के शीघ्र समाधान की चेतावनी
देहरादून। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सेविका, मिनी कर्मचारी संगठन की प्रदेश स्तरीय बैठक देहरादून के उज्जवल रेस्टोरेंट में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्षा श्रीमती रेखा नेगी ने की। बैठक में प्रदेशभर से संगठन के पदाधिकारियों ने भाग लिया।
सभी पदाधिकारियों ने बैठक में सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याओं को माननीय मुख्यमंत्री और मंत्रियों के संज्ञान में लाने के बावजूद अब तक किसी एक भी मांग का समाधान नहीं हुआ है। अधिकारियों और मंत्रियों द्वारा बार-बार झूठे आश्वासन दिए जाते हैं।
बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की कि राज्य सरकार उनके मानदेय में ₹140 प्रतिदिन की वृद्धि करे और केंद्र सरकार को ₹150 प्रतिदिन की सिफारिश भेजे। इसके साथ ही सुपरवाइजर के पदों पर हर वर्ष वरिष्ठता के आधार पर विज्ञप्ति जारी की जाए, ताकि योग्य कार्यकर्ताओं को पदोन्नति का अवसर मिल सके।
बैठक में यह भी मांग उठाई गई कि सेवा निवृत्त होने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकार द्वारा जारी घोषणा पत्र के अनुसार ₹1 लाख की एकमुश्त राशि प्रदान की जाए और सेवानिवृत्ति की आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष की जाए। इसके अतिरिक्त सरकार द्वारा पेंशन योजना का शासनादेश भी जल्द जारी किया जाए।
कार्यकर्ताओं ने यह भी बताया कि केवाईसी और फेस कैप्चरिंग की प्रक्रिया बार-बार दोहराई जा रही है, जिससे उन्हें असुविधा होती है। ऐप में तकनीकी सुधार करते हुए इसे केवल एक बार की प्रक्रिया बनाया जाए। भवन किराया बढ़ाने और मोबाइल रिचार्ज की राशि तत्काल देने की मांग भी की गई।
संगठन ने विरोध जताते हुए यह भी कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से अन्य विभागों का काम लिया जा रहा है, जिससे उनकी नियमित जिम्मेदारियों पर असर पड़ रहा है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नंदा गौरा योजना का लाभ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी दिया जाना चाहिए।
बैठक में यह भी मुद्दा उठाया गया कि नेटवर्क की खराब स्थिति के कारण फोन पर कार्य करना अत्यंत कठिन हो गया है। इसके अलावा, वर्ष 2022-23 में गर्भवती महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY) के तहत भुगतान नहीं मिला है, जिसकी जल्द से जल्द पूर्ति की जानी चाहिए।
संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द उनकी मांगों पर सुनवाई और समाधान नहीं किया गया तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सड़कों पर उतरकर आंदोलन करना पड़ेगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन एवं विभाग की होगी।
बैठक में अंजू,,बसंती रमोला, बसंती रावत, वन्दना नौटियाल, सुनीता भट्ट बसंती , चंद्रावती (उद्यमसिंह नगर), देहरादून से पिंकी, गीता, ज्योति और ममता आदि मौजूद थी।

