बंद बीमा पॉलिसी चालू कराने के नाम पर 26 लाख की साइबर ठगी, एसटीएफ ने नोएडा से आरोपी दबोचा

बंद बीमा पॉलिसी चालू कराने के नाम पर 26 लाख की साइबर ठगी, एसटीएफ ने नोएडा से आरोपी दबोचा
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देहरादून। उत्तराखण्ड एसटीएफ की साइबर क्राइम टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बंद पड़ी बीमा पॉलिसियों को चालू कराने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को नोएडा से गिरफ्तार किया है। आरोपी द्वारा पटेलनगर निवासी एक व्यक्ति से करीब 25.90 लाख रुपये की ठगी की गई थी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ के अनुसार पीड़ित के पास पीएनबी मेटलाइफ इंश्योरेंस की तीन पॉलिसियां थीं, जिनका प्रीमियम पिछले दो वर्षों से जमा नहीं हो पाया था। अक्टूबर 2025 में अज्ञात साइबर ठगों ने स्वयं को बीमा कंपनी का अधिकारी बताकर बंद पॉलिसियों को दोबारा चालू कराने और अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा दिया। ठगों ने अलग-अलग खातों में धनराशि जमा करवाई। बाद में कस्टमर केयर से जानकारी लेने पर पीड़ित को ठगी का पता चला।

मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में मु0अ0सं0 18/26 धारा 318(4), 61(2) बीएनएस एवं 66D आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के दौरान बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और व्हाट्सएप डेटा के विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने आरोपी सूरज पुत्र विजय चौहान निवासी सेक्टर-31, निठारी नोएडा, गौतमबुद्धनगर उत्तर प्रदेश, उम्र 21 वर्ष को गिरफ्तार किया।

जांच में सामने आया कि आरोपी अपने साथियों के साथ बंद पड़ी बीमा पॉलिसियों की जानकारी जुटाकर लोगों को मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगी करता था। आरोपी साइबर ठगी की रकम को अपने विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर कमीशन प्राप्त करता था। पुलिस जांच में उसके दो खातों में लगभग 20 लाख रुपये प्राप्त होने की पुष्टि हुई है, जबकि कुछ ही महीनों में खातों में करीब 42 लाख रुपये के लेनदेन का खुलासा हुआ है।

कार्रवाई को सफल बनाने में निरीक्षक विजय भारती, कांस्टेबल नीरज नेगी तथा कांस्टेबल विकास रावत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि अपने बैंक खाते, एटीएम, ओटीपी, यूपीआई पिन और अन्य गोपनीय जानकारियां किसी के साथ साझा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल⁠� पर शिकायत दर्ज करें।

देवभूमि खबर

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