बनभूलपुरा हिंसा प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट सख्त, दो आरोपियों की जमानत रद्द

बनभूलपुरा हिंसा प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट सख्त, दो आरोपियों की जमानत रद्द
Spread the love

हल्द्वानी। बनभूलपुरा हिंसा प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों की जमानत निरस्त कर दी है। कोर्ट ने अभियुक्त जावेद सिद्दीकी और अरशद अयूब को दो सप्ताह के भीतर संबंधित न्यायालय या जेल में आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए हैं।

गौरतलब है कि 08 फरवरी 2024 को हल्द्वानी के बनभूलपुरा थाना क्षेत्र में हुई हिंसक घटना में उपद्रवियों ने पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और नगर निगम कर्मचारियों पर जानलेवा हमला किया था। इस दौरान थाना परिसर, सरकारी वाहनों और अन्य संपत्तियों में आगजनी व तोड़फोड़ की गई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तकनीकी माध्यमों से आरोपियों की पहचान की थी। विवेचना के दौरान प्रकरण में यूएपीए की धाराएं भी जोड़ी गई थीं।

वर्ष 2025 में दोनों आरोपियों को डिफॉल्ट बेल मिली थी, जिसके खिलाफ उत्तराखंड शासन, पुलिस मुख्यालय और गृह विभाग के स्तर पर विचार-विमर्श के बाद सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की गई।

राज्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जितेंद्र सेठी, डीएजी आशुतोष शर्मा सहित अन्य शासकीय अधिवक्ताओं ने प्रभावी पैरवी की, जिसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने जमानत निरस्त करने का आदेश पारित किया।

देवभूमि खबर

Related articles