नौकरी दिलाने के नाम पर 32 लाख की ठगी करने वाला शातिर गिरफ्तार, नेपाल भागने की फिराक में था आरोपी

शादी का झांसा देकर नर्सिंग असिस्टेंट से 32 लाख रुपये ठगे, नेपाल बॉर्डर से पहले पुलिस ने दबोचा
देहरादून। स्वास्थ्य विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा देकर नर्सिंग स्टाफ से 32 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को नेहरू कॉलोनी पुलिस ने पिथौरागढ़ के एंचोली क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था और नेपाल भागने की फिराक में था। पुलिस ने पिथौरागढ़ पुलिस से समन्वय स्थापित कर उसे गिरफ्तार किया और ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून लाया।
पुलिस के अनुसार, 17 अगस्त 2026 को एक महिला ने थाना नेहरू कॉलोनी में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी मुलाकात चारू चन्द्र जोशी से शादी डॉट कॉम के माध्यम से हुई थी। आरोपी ने खुद को स्वास्थ्य विभाग में ड्रग इंस्पेक्टर बताते हुए उच्चाधिकारियों से अच्छी पहचान होने का दावा किया। उसने महिला को शादी करने और स्वास्थ्य विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा देकर अलग-अलग तिथियों में करीब 32 लाख रुपये ठग लिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर थाना नेहरू कॉलोनी में पुलिस टीम गठित कर आरोपी की तलाश शुरू की गई। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी सहित कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह पूर्व में जेल भी जा चुका है।
सर्विलांस और अन्य माध्यमों से जानकारी जुटाने पर पुलिस को पता चला कि आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है और पिथौरागढ़ के रास्ते नेपाल भागने की कोशिश में है। इसके बाद पुलिस टीम पिथौरागढ़ रवाना हुई और गोपनीय सूचना के आधार पर 21 अगस्त को एंचोली क्षेत्र से चारू चन्द्र जोशी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वर्ष 2016 में स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत था। वर्ष 2022 में उसके खिलाफ जनपद नैनीताल में धोखाधड़ी और दुष्कर्म के मामले दर्ज हुए, जिसके बाद उसे जेल जाना पड़ा और स्वास्थ्य विभाग की नौकरी से हटा दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, जेल से बाहर आने के बाद आरोपी ने अपनी पूर्व नौकरी और स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी पहचान का फायदा उठाकर लोगों को गुमराह करना शुरू कर दिया। वह खुद को स्वास्थ्य विभाग में नियुक्त बताकर अधिकारियों से पहचान होने का झांसा देता था और सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं से मोटी रकम ऐंठता था।
पूछताछ में आरोपी ने यह भी बताया कि वर्तमान मामले में महिला से प्राप्त अधिकांश रकम उसने अपने खिलाफ पूर्व में दर्ज मुकदमों के सेटलमेंट के लिए संबंधित लोगों को दे दी। पुलिस आरोपी द्वारा बताए गए तथ्यों का अभिलेखीय और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सत्यापन कर रही है।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि अब तक की विवेचना में आरोपी द्वारा व्यक्तिगत स्तर पर नौकरी दिलाने का झूठा आश्वासन देकर धोखाधड़ी करना सामने आया है। किसी परीक्षा एजेंसी अथवा चयन प्रक्रिया से जुड़े व्यक्ति के साथ उसके संपर्क में होने के साक्ष्य अभी तक नहीं मिले हैं।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान चारू चन्द्र जोशी (34) पुत्र उमेश चन्द्र जोशी, निवासी ग्राम सिली, पोस्ट गरुड़, थाना बैजनाथ, जनपद बागेश्वर, हाल निवासी फ्रेंड्स कॉलोनी, दून एरिया, हल्द्वानी, नैनीताल के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ हल्द्वानी, ऋषिकेश और काशीपुर में धोखाधड़ी तथा अन्य गंभीर धाराओं में कुल सात अभियोग दर्ज हैं।
पुलिस टीम में थानाध्यक्ष नेहरू कॉलोनी मनोज नौटियाल, चौकी प्रभारी जोगीवाला गिरीश चन्द्र बडोनी, कांस्टेबल विनोद बचकोटी, विपिन सेमवाल तथा एसओजी से हेड कांस्टेबल किरन और कांस्टेबल आशीष राठी शामिल रहे।


