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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष के निरंतर नेतृत्व पर पारित किया बधाई प्रस्ताव

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष के निरंतर नेतृत्व पर पारित किया बधाई प्रस्ताव
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नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्ष का निरंतर नेतृत्व पूरा करने पर उन्हें बधाई देते हुए प्रस्ताव पारित किया। मंत्रिमंडल ने इसे केवल औपचारिक सम्मान नहीं, बल्कि राष्ट्र प्रथम और नागरिक प्रथम की भावना से प्रेरित उनकी सार्वजनिक सेवा यात्रा के रूप में रेखांकित किया।

केंद्रीय मंत्रिमंडल के प्रस्ताव में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व से लेकर केंद्र में प्रधानमंत्री के रूप में उनकी कार्यशैली तक की निरंतरता को रेखांकित किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार गुजरात में मिले लगातार तीन जनादेश और लोकसभा चुनावों में जनता के समर्थन को उनके प्रति जनता के विश्वास से जोड़ा गया है।

प्रस्ताव में गुजरात की कई पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने का उल्लेख किया गया है। नागरिकों की शिकायतों के समाधान के लिए शुरू की गई स्वागत पहल से लेकर प्रगति के माध्यम से लंबित परियोजनाओं की समीक्षा और ज्योतिग्राम योजना के अनुभवों को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने को उनके विकास दृष्टिकोण का हिस्सा बताया गया है।

गरीब कल्याण को भी प्रस्ताव में प्रमुखता दी गई है। लगभग 60 करोड़ जन धन खातों, चार करोड़ से अधिक आवासों और 25 करोड़ लोगों के गरीबी से बाहर निकलने का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि गरीबों के प्रति संवेदनशीलता ने व्यापक स्तर पर कल्याणकारी योजनाओं का रूप लिया। महिलाओं, युवाओं, किसानों और विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण के लिए लखपति दीदी, नारी शक्ति वंदन अधिनियम, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और पीएम-जनमन जैसी पहलों को भी रेखांकित किया गया है।

मंत्रिमंडल ने आर्थिक और प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में वस्तु एवं सेवा कर, कल्याणकारी योजनाओं के वितरण में सुधार तथा औपनिवेशिक कानूनों के स्थान पर नए कानूनों को महत्वपूर्ण कदम बताया। स्वच्छता, डिजिटल भुगतान और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों का भी प्रस्ताव में उल्लेख है।

आत्मनिर्भर भारत के संदर्भ में सार्वजनिक पूंजीगत व्यय में वृद्धि, राजमार्गों के विस्तार, रेलवे विद्युतीकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में बढ़ोतरी, रक्षा उत्पादन और सेमीकंडक्टर विनिर्माण को प्रमुख उपलब्धियों के रूप में रखा गया है। जन धन, आधार और मोबाइल तकनीक के माध्यम से कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच तथा यूपीआई के विस्तार को प्रौद्योगिकी आधारित शासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।

प्रस्ताव में कोविड-19 महामारी के दौरान टीका विकास और टीकाकरण, चंद्रयान-3 की सफलता, अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम प्रौद्योगिकी और जैव प्रौद्योगिकी में हो रहे कार्यों का भी उल्लेख किया गया है।

राष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ में 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 के बालाकोट हवाई हमले और 2025 के ऑपरेशन सिंदूर के साथ अनुच्छेद 370 हटाने, एक रैंक एक पेंशन तथा चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पद के सृजन का उल्लेख किया गया है। प्रस्ताव में माओवादी हिंसा के विरुद्ध कार्रवाई और पूर्वोत्तर में शांति प्रयासों को भी रेखांकित किया गया है।

वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका के संबंध में जी20 और ब्रिक्स में सहमति निर्माण, अफ्रीकी संघ को जी20 में शामिल करने, विकासशील देशों के हितों की पैरवी और वैक्सीन मैत्री अभियान का उल्लेख किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी को मिले 36 देशों के सम्मान भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव को दर्शाते हैं।

प्रस्ताव में विकास के साथ सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व को जोड़ने की बात कही गई है। नवीकरणीय ऊर्जा, योग, मोटे अनाज, काशी विश्वनाथ धाम और रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा से जुड़े सांस्कृतिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए 2047 तक विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई गई है।

देवभूमि खबर

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