उत्तराखंड सरकार ने पेश किया 5315.39 करोड़ का अनुपूरक बजट, आपदा प्रबंधन, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और पर्यटन पर खास जोर

उत्तराखंड सरकार ने पेश किया 5315.39 करोड़ का अनुपूरक बजट, आपदा प्रबंधन, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और पर्यटन पर खास जोर
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देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 का अनुपूरक बजट विधानसभा में पेश किया। इस बजट का कुल आकार 5315.39 करोड़ रुपये है, जिसमें 2152.37 करोड़ राजस्व व्यय और 3163.02 करोड़ पूंजीगत व्यय का प्रावधान है। केंद्र पोषित योजनाओं के तहत 1689.13 करोड़ तथा बाह्य सहायतित योजनाओं के लिए 215 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

सरकार ने इस अनुपूरक बजट में आपदा प्रबंधन, बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पर्यटन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर खास ध्यान दिया है। जोशीमठ सहित राज्य के अन्य हिस्सों में भू-धंसाव और आपदाओं से निपटने के लिए राहत कार्यों पर 263.94 करोड़, जिलाधिकारियों को क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण के लिए 13 करोड़, आपदा न्यूनीकरण निधि हेतु 13 करोड़ और दैवीय आपदाओं से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास पर 5 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

आगामी कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के लिए वृहत निर्माण कार्यों पर 200 करोड़ और रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना में भूमि क्रय व यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए 925 करोड़ का प्रावधान किया गया है। लोक निर्माण विभाग के चालू कार्यों के लिए 90 करोड़ तथा विभिन्न विभागों में अवस्थापना कार्यों हेतु 200 करोड़ रखे गए हैं।

पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए 188.55 करोड़ का प्रावधान किया गया है। पर्वतीय मार्गों पर परिवहन निगम की हानि की प्रतिपूर्ति के लिए 10 करोड़ और विशेष श्रेणी के यात्रियों को निशुल्क यात्रा सुविधा के लिए 3.1 करोड़ दिए जाएंगे।

ऋषिकेश को योग नगरी और हरिद्वार को पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने हेतु 50-50 करोड़ का प्रावधान है। शहरी विकास योजनाओं में अमृत योजना पर 48 करोड़, शारदा रिवर फ्रंट योजना पर 50 करोड़, नंदा देवी राजजात यात्रा के निर्माण कार्यों पर 40 करोड़, पर्यटन स्थलों के आंतरिक मार्गों के सुदृढ़ीकरण पर 25 करोड़ और ईडब्ल्यूएस आवासों पर 2.86 करोड़ खर्च होंगे।

स्वास्थ्य क्षेत्र में अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के लिए 50 करोड़, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (PM-ABHIM) के लिए 25.55 करोड़, अस्पतालों के पास तीमारदारों हेतु विश्राम गृहों के निर्माण पर 5 करोड़ और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) पर 95.25 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना पर 15 करोड़ खर्च होंगे।

शिक्षा और खेल के क्षेत्र में विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण हेतु 20 करोड़, महिला स्पोर्ट्स कॉलेज चंपावत के निर्माण हेतु 50 करोड़, टाटा टेक्नोलॉजी मॉडल के लिए 20 करोड़, राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार पर 18 करोड़ और प्रशिक्षण शिविरों के आयोजन पर 6 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

कृषि और ग्रामीण विकास क्षेत्र में मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना पर 10 करोड़, मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना पर 10 करोड़, मिलेट मिशन पर 8 करोड़, जलग्रहण शोधन योजना पर 20 करोड़, दुधारू पशुओं को साइलेंज उपलब्ध कराने पर 10 करोड़ और गौसदन निर्माण पर 5 करोड़ खर्च होंगे।

इसके अलावा विद्युत टैरिफ सब्सिडी पर 125 करोड़, प्रधानमंत्री आवास योजना पर 114.17 करोड़, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (फेज 1 और 2 के लंबित कार्य) पर 40 करोड़, सूचना विभाग में विज्ञापन व अधिष्ठान पर 120 करोड़, एनडीआरएफ के तहत अग्निशमन सेवाओं के विस्तार व आधुनिकीकरण पर 78.89 करोड़, प्रदेश के मार्गों और पुलों के अनुरक्षण पर 75 करोड़ तथा उत्तराखंड शहीद कोष पर 2.50 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।

इस प्रकार अनुपूरक बजट में जहां एक ओर आपदा प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी गई है, वहीं स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, कृषि और सामाजिक सुरक्षा को भी सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया है।

देवभूमि खबर

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