उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस 9 नवंबर 2025 — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की रजतोत्सव घोषणा का स्वागत : हेमंत द्विवेदी

उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस 9 नवंबर 2025 — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की रजतोत्सव घोषणा का स्वागत : हेमंत द्विवेदी
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देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश स्थापना दिवस 9 नवंबर के अवसर पर रजत जयंती धूमधाम से मनाए जाने की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा का श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष एवं भाजपा प्रदेश प्रवक्ता हेमंत द्विवेदी ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के समय सतत संकल्प के साथ प्रदेश का चहुंमुखी विकास हुआ है।

भाजपा प्रवक्ता हेमंत द्विवेदी ने कहा कि देश के दूरदर्शी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार ने विकास के अनेक कीर्तिमान स्थापित किए हैं। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आगामी 6 नवंबर से 12 नवंबर तक रजतोत्सव के रूप में भव्य आयोजन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि “डबल इंजन” की साझेदारी का लाभ स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। केंद्र सरकार ने राज्य के लिए आपदा पैकेज, लंबित परियोजनाओं की मंजूरी और बजट सहायता बढ़ाने जैसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार के तहत हरिद्वार में नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना और 100 अतिरिक्त एमबीबीएस सीटों की मंजूरी दी गई है। अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के लिए भी सीटें बढ़ाने की दिशा में कार्य जारी है।

दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे और राजाजी राष्ट्रीय पार्क क्षेत्र में एलिवेटेड रोड निर्माण जैसी परियोजनाएं तेजी से प्रगति पर हैं। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत लगभग 1,481 किमी सड़कों का निर्माण और 519 सड़कों को जोड़े जाने से दूरस्थ गांवों तक सड़क सुविधा पहुंची है।

रेलवे विकास की दिशा में भी राज्य ने नई ऊंचाइयां छुई हैं। ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल लाइन पर ट्रैक बिछाने का कार्य तेजी से जारी है, जबकि 11 रेलवे स्टेशनों को “अमृत स्टेशन” के रूप में विकसित करने की पहल की गई है। इन सभी परियोजनाओं के लिए ₹5,131 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।

हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में इस वर्ष चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड 46 लाख श्रद्धालु पहुंचे हैं। प्रदेश सरकार और बीकेटीसी ने आपदा की चुनौतियों के बावजूद तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं और दर्शन व्यवस्था उपलब्ध कराई है।

उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा, नए विश्वविद्यालयों की स्थापना, खिलाड़ियों को प्रोत्साहन योजना, बेहतर स्वास्थ्य एवं आयुर्वेदिक सेवाओं का विस्तार, तकनीकी क्षेत्र में सुधार, स्नातक स्तरीय परीक्षा में पेपर लीक प्रकरण की सीबीआई जांच, कठोर नकल विरोधी कानून, नया भूस्वामित्व कानून और युवाओं के लिए रोजगार सृजन जैसे कदम राज्य के लिए ऐतिहासिक उपलब्धियां हैं।

इसके अतिरिक्त व्यास घाट–कोडियाला को जोड़ने वाले सिंगटाली पुल को वित्तीय स्वीकृति, लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना को स्वीकृति, सीमांत क्षेत्रों में “वाइब्रेंट विलेज योजना” के अंतर्गत विकास कार्य और यूसीसी निर्माण जैसी परियोजनाएं भी राज्य की विकास यात्रा में मील का पत्थर साबित हो रही हैं।

देवभूमि खबर

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