हल्द्वानी के कथित ‘शुद्धिकरण’ के विरोध में कांग्रेस का सचिवालय घेराव, पुलिस से धक्का-मुक्की के बाद कार्यकर्ता गिरफ्तार

देहरादून। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 8 अगस्त 2026 को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद कथित रूप से किए गए ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ के विरोध में उत्तराखंड कांग्रेस ने मंगलवार को सचिवालय घेराव किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस भवन से सचिवालय तक मार्च निकाला।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर राजनीतिक विरोध को जातिगत और सामाजिक अपमान में बदलने का आरोप लगाया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि किसी लोकतांत्रिक राजनीतिक सभा के बाद स्थान को ‘शुद्ध’ किए जाने की घटना केवल कांग्रेस का विषय नहीं, बल्कि संविधान में निहित समानता, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ा सवाल है।
उन्होंने सवाल उठाया कि देश के वरिष्ठ दलित नेता और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद स्थान को ‘अशुद्ध’ बताने वाली मानसिकता को क्या भाजपा स्वीकार करती है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा ऐसी सोच के खिलाफ है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि हल्द्वानी की घटना सामाजिक न्याय और संविधान की मूल भावना पर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की जाति या सामाजिक पहचान के आधार पर उसके कार्यक्रम के बाद स्थान को ‘अशुद्ध’ बताने की मानसिकता स्वीकार नहीं की जा सकती। कांग्रेस इस मुद्दे को सदन से सड़क तक उठाएगी।
चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन ‘शुद्धिकरण’ जैसी कार्रवाई सामाजिक अपमान का रूप ले लेती है। वहीं चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने भाजपा से पूरे मामले पर अपना रुख स्पष्ट करने और यदि वह ऐसी सोच का समर्थन नहीं करती है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
कांग्रेस के सह-प्रभारी मनोज यादव ने कहा कि यह मामला केवल कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सम्मान का नहीं, बल्कि देश के वंचित और दलित वर्गों की भावनाओं से भी जुड़ा है। उन्होंने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को समान सम्मान और अधिकार देता है।
कांग्रेस नेताओं ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट पर भी निशाना साधते हुए उनसे पूरे मामले पर स्पष्ट स्थिति रखने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन जाति और सामाजिक पहचान के आधार पर किसी व्यक्ति या उसके कार्यक्रम को ‘अशुद्ध’ बताना स्वीकार्य नहीं है।
प्रदेश कांग्रेस ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच, कथित शुद्धिकरण में शामिल लोगों की भूमिका की जांच और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की।
सचिवालय घेराव के दौरान पुलिस प्रशासन और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की एवं तीखी नोकझोंक भी हुई। इसके बाद पुलिस ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन ले गई। कांग्रेस ने कहा कि सामाजिक सम्मान, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए उसका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
