
देहरादून।राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अंतर्गत आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) की पहल पर दून मेडिकल कॉलेज में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से संबंधित कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने लाभार्थियों को एबीडीएम के महत्व, स्कैन एंड शेयर प्रणाली तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में डिजिटल क्रांति के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की प्रबंधक प्रज्ञा पालीवाल ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की गाइडलाइन एवं राज्य मिशन निदेशक रीना जोशी के निर्देशों के क्रम में प्रदेश में एबीडीएम के शत-प्रतिशत आच्छादन के लिए व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत शत-प्रतिशत आभा आईडी, एचपीआर (हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री) तथा एचएफआर (हेल्थ फेसिलिटी रजिस्ट्री) बनाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि डिजिटल स्वास्थ्य सुविधाओं के लाभ और उनके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर न केवल प्रतिभागियों बल्कि आम जनमानस को भी निरंतर जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए स्थानीय मेलों, अस्पतालों और विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों के दौरान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
प्रज्ञा पालीवाल ने जानकारी दी कि प्रदेश में अब तक 73 लाख से अधिक आभा आईडी, 9,737 एचपीआर तथा 7,804 एचएफआर तैयार की जा चुकी हैं। शेष बचे शत-प्रतिशत एचपीआर और एचएफआर के निर्माण की प्रक्रिया तेजी से प्रगति पर है।
कार्यशाला में एनएचए की टीम से कंसलटेंट प्रवीन कुमार, अनुराग सहित दून मेडिकल कॉलेज के नर्सेज संवर्ग के अधिकारी एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।

