फिक्की का उद्देश्य महिलाएं कैसे सरकारी नीतियों के गठन में भागीदार बनें:नाजिया

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देहरादून।देवभूमि खबर। महिलाओं को बराबरी का दर्जा देने की बात करने वाली सरकार में सरकारी नीतियों में महिलओं की भागीदारी सुनिश्चित हो इसी उद्देशय से फिक्की फलो उत्तराखण्ड चैप्टर कार्य कर रहा है। इसी क्रम में महिलाओं के लिए एक ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया जहां विभिन्न इंडस्ट्रीज से महिलाओें ने प्रतिभाग किया और इस बात पर जोर दिया गया कि महिलाएं कैसे सरकारी नीतियों के गठन में भागीदार बनें। फिक्की फलो देहरादून की चेयरमैन नाजिया इजुद्दीन ने कहा कि महिलाएं ही महिलाओं को आगे तो ला रही है परंतु इसके बाद भी वे अपने और सरकार के बीच की दूरी को कम नहीं करी पा रही है। नाजियां का मानना है कि जब तक यह दूरी खत्म नहीं होगी तब तक उनके द्वारा किए जा रहे रहे कार्यो को वह मुकाम नहीं मिलेगा और न ही वह बराबरी मिलेेगी जिसकी बार बार बात की जाती है।
नाजिया ने कहा कि एफएलओ फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की महिला विंग है महिलाओं के लिए एक अखिल भारतीय मंच, एफएलओ का मुख्यालय नई दिल्ली में है, जिसमें 16 अध्याय भारत के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों को कवर करते हैं। एफएलओ 6800 से अधिक महिला उद्यमियों और पेशेवरों का प्रतिनिधित्व करता है। फिक्की फलो की ज्वाइंट सक्रेटरी नेहा शर्मा न कहा कि 36 वर्षों के अनुभव के साथ, एफएलओ कार्यशालाओं, सेमिनारों, सम्मेलनों, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम आदि के माध्यम से महिलाओं के बीच उद्यमशीलता और पेशेवर उत्कृष्टता को बढ़ावा दे रहा है। संगठन का उद्देश्य वास्तव में समावेशी आर्थिक विकास प्रक्षेपवक्र के लिए महिलाओं को अपनी प्रतिभा, कौशल, अनुभव और क्षेत्रों और अर्थव्यवस्था के क्षेत्रों में ऊर्जा दिखाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
फिक्की की सेक्रेटरी कोमल बतरा ने इस बात पर प्रकाश डाला कि क्यों महिलाओं को फिक्की फलो जैसी संस्था की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि फलो का प्राथमिक उद्देश्य महिलाओं में उद्यमिता और पेशेवर उत्कृष्टता को बढ़ावा देना है। यह बड़े पैमाने पर महिलाओं और समाज की सामाजिक और आर्थिक उन्नति के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करता है और महिलाओं को अपने शैक्षिक और व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों, वार्ता, सेमिनार, पैनल चर्चा और कार्यशालाओं के माध्यम से विशेष रूप से संबंधित विषयों पर अपनी ताकत के बारे में जागरूक करने का प्रयास करता है। कोषाध्यक्ष रुची जैन ने बताया कि अपनी स्थापना के बाद से फलो ने एक लंबा सफर तय किया है, और महिला सशक्तिकरण की दिशा में इसके प्रयास उल्लेखनीय हैं। एक युवा भारत की शक्ति का चित्रण करने वाले अपने विशेष कार्यक्रमों के साथ, फलो महिला सशक्तिकरण की अपनी दृष्टि में फलो की सराहना करता है। कार्यक्रम में उत्तराखण्ड की 30 विभिन्न इंडस्ट्रीज की महिला उद्यमियों ने प्रतिभाग किया। जिनमें स्वयं सेवी संस्था, शिक्षा, वेलनेस एवं स्प्रिचुएलिटि, चिकित्सा आदि क्षेत्रों से महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए।इस अवसर पर चेयरपर्सन नाजिया इजुद्दीन, सीनीयर वाइस चेयरपर्सन किरन भट्ट, वाइस चेयरपर्सन सारिका पंछती, सचिव कोमल बतरा, संयुक्त सचिव नेहा शर्मा, कोषाध्यक्ष रुचि जैन, संयुक्त कोषाध्यक्ष राशि सिंघल, मौजद

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