सीएम ने श्रीनगर में राजकीय सयुंक्त उपजिला चिकित्सालय के नवनिर्मित भवन का लोकापर्ण एवं स्व. श्री मोलाराम जी की मूर्ति का अनावरण किया

सीएम ने श्रीनगर में राजकीय सयुंक्त उपजिला चिकित्सालय के नवनिर्मित भवन का लोकापर्ण एवं स्व. श्री मोलाराम जी की मूर्ति का अनावरण किया
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श्रीनगर। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत एवं प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक डॉ धन सिंह रावत ने आज श्रीनगर में राजकीय सयुंक्त उपजिला चिकित्सालय के नवनिर्मित भवन धनराशि लागत रूपये 1600 लाख से बनाये गये 52 बेड का लोकार्पण तथा चिकित्सालय परिसर में स्थापित स्व. श्री मोलाराम जी की मूर्ति का अनावरण किया। उन्होने अस्पताल में उपलब्ध सुविधा एवं वार्डो का निरीक्षण कर रोगियों से हाल चाल जाना।
 इसके उपरांत मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र ने बतौर मुख्य अतिथि के रूप में जीआई एंड टीआई मैदान में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित में क्षेत्रीय विधायक/प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत एवं रेलवे विकास निगम को बधाई देते हुए कहा कि उनके प्रयासों से संयुक्त उपजिला चिकित्सालय बहुत ही अच्छा बनाया गया है। कहा कि 26 जनवरी को दिल्ली में गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड की झांकी को देश भर में तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य के झांकी में जो कमाण्डो ड्रेस कलाकारों ने पहने थे वे डोईवाला के एक छोटे से गाॅव में विनोद पाल द्वारा बनाई गई है। जिन्होने केदारनाथ आपदा से पीड़ित 50 बेटियों को रोजगार दिया। कहा कि कोविड-19 संक्रमण से देश-दुनिया के साथ ही उत्तराखण्ड भी प्रभावित था उस समय हमारे कोरोना वारियर्स द्वारा अपनी जान जोखिम में डालकर बहुत अच्छा काम किया गया।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड की ही नहीं बल्कि पूरे देश की गौरव और स्वाभिमान को जगाने का काम बखूबी किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भर भारत बनाए जाने का जो मंत्र दिया है। उसी मंत्र के दम पर आज हमारे वैज्ञानिकों ने आत्म निर्भर  भारत के संकल्प को साकार किया है। कहां की इसके लिए सभी देशवासी खासकर उत्तराखंड के लोग उन वैज्ञानिकों का भी धन्यवाद ज्ञापित करते हैं। उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं पर बोलते हुए कहा कि राज्य की ओर से भी पीपीई किट बनाने का कार्य किया जा रहा है। यही नहीं राज्य में तैयार पीपीई किट को 20 देशों में निर्यात किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड आपदा से मुक्ति दिलाने में आम लोगों के साथ-साथ ग्राम प्रधानों ने भी कंधे से कंधा मिलाकर कोविड को हराने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के आवाहन पर आज दवाई भी और कढ़ाई भी के नारे को पूरी तरह से अमलीजामा पहनाना है।  उन्होंने सभी लोगों को सतर्कता बरतते हुए कहा कि अभी भी हम लोग कोरोना के खतरे से पूरी तरह से  मुक्त नहीं हुए है। मुख्यमंत्री ने कोविड-19 के दौरान दिवंगत हुए डॉक्टरों और आम जनों के प्रति भी दुःख जताया।
उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस पर आयोजित झांकी में राज्यों को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने राज्य में शिशु और मातृ मृत्यु दर में लगातार कमी आ पाए जाने पाए जाने पर आशा स्टाफ  के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड राज्य में 71 प्रतिशत डिलीवरी अस्पतालों में हो रही है। इसके लिए राज्य सरकार ने काफी मेहनत की है कहा कि वर्ष 2017 -2018 में राज्य में केवल 1017 डॉक्टर उपलब्ध थे। वही संख्या बढ़कर आज 2400 से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में अभी 720 डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है साथ ही 2500 नर्सिंग स्टाफ की भी भर्ती की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड में स्वास्थ्य के क्षेत्र को और अधिक सशक्त किया जाए। कहा कि केंद्र की अटल आयुष्मान योजना को राज्य में लॉन्च करते ही उत्तराखंड में 45 लाख आयुष्मान कार्ड को बनाये गये है। अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के कार्ड को देश के 22 हजार से ज्यादा अस्पतालों में स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं। राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक मजबूत करते हुए कुछ अस्पतालों को पीपीपी मोड पर दिया जा रहा है। जिसमें पौड़ी और टिहरी के जिला अस्पताल को भी शामिल कर दिया गया है। जिससे कि निजी अस्पतालों के डॉक्टरों को सरकारी अस्पतालों में भी भेजा जा सके। इससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखंड को पहचान मिली थी। कहा कि प्रदेश सरकार ने चार धाम जैसी योजनाओं को ऑल वेदर रोड से जोड़कर 12 महीने पर्यटन की गतिविधियों को बनाए रखने की योजना तैयार की है। कहा कि कोविड महामारी ने पर्यटन के व्यवसाय को काफी प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि शीतकाल में भी अब पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने को लेकर योजना तैयार की जा रही है जिससे कि देश विदेश का उच्च वर्ग का पर्यटक भी अब उत्तराखंड आ सकेगा। जिससे कि यहां के पर्यटन व्यवसाय की गतिविधियों को और अधिक  बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने उत्तराखंड के हेरिटेज को बढ़ावा देने की भी योजना बनाई है। इसके लिए राज्य के हर जिला मुख्यालय में हेरिटेज स्ट्रीट तैयार की जाएगी। इसके लिए पौड़ी हेरिटेज स्ट्रीट की स्वीकृति दे दी गई है। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के शिल्प और पारंपरिक कला को और अधिक बढ़ावा मिलेगा यही नहीं युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। कहा कि जिस प्रकार से श्रीनगर में मौलाराम स्मृति लगाई गई है। इसी तर्ज पर अन्य जिलों में भी इस कार्य को बढ़ावा दिया जाएगा। कहां की उत्तराखंड के लोगों को अपने शिल्प और कला को उजागर करने की जरूरत है। जिससे कि अन्य प्रांतों के लोग भी उत्तराखंड की परंपरा को जान सकेगे। उन्होंने कहा कि यूएनओ की रिपोर्ट के अनुसार पूरे विश्व में साहसिक खेलों से संबंधित  व्यवसाय में सबसे अधिक रोजगार की संभावनाएं हैं। कहा कि पौड़ी के नयार घाटी में आयोजित हुए, साहसिक खेल को इसी तर्ज पर संपन्न किया गया। जिससे कि भविष्य में युवाओं को साहसिक खेलों के व्यवसाय से भी रोजगार प्राप्त हो सके। इसके लिए शीघ्र ही पौड़ी जिले में प्रदेश स्तर का एक हाई एल्टीट्यूड इंस्टिट्यूट भी खोला जाएगा। ऐसे ही खेलों को आयोजित करने के लिए अल्मोड़ा जिले को भी चयनित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला योजना के तहत आगामी वर्ष से 20 प्रतिशत विद्यालय के लिए विकास कार्यो में खर्च करने की बात कही। पर्यटन के क्षेत्र में अधिकतम लोगों को रोजगार मिल सकें। जिस पर राज्य सरकार कार्य कर रहे है। इसके अलावा शिक्षा स्वास्थ्य एव कृषि, पेयजल पर बेहतर कार्य किये जा रहे है।
कहा कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है, जहां सभी महाविद्यालयों में 97 प्रतिशत फैकल्टी हैं। कहा कि श्रीनगर व हल्द्वानी मेडिकल काॅलेज में 150-150, देहरादून में 200 और अल्मोड़ा मेडिकल काॅलेज में एमबीबीएस की 100 सीटें की गई हैं।कहा कि श्रीनगर व हल्द्वानी मेडिकल काॅलेज में 150-150, देहरादून में 200 और अल्मोड़ा मेडिकल काॅलेज में एमबीबीएस की 100 सीटें की गई हैं। कहा कि पहाड़ों के विकास के लिए जिला विकास प्राधिकारण (डीडीए) का गठन किया गया था, किन्तु पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों की समस्याओं को देखते हुए डीडीए को स्थागित करने का निर्णय लिया गया है और जल्द ही इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया जायेगा। कहा कि पहाड़ों में विकास को गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के नियम सरल किये गये हैं। योजना के तहत 63 केवीए ट्रांसफार्मर के स्थान पर 25 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर तथा 25 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर पर 20 किलोवाॅट योजना का प्लांट लग सकेगा, जबकि 63 केवीए ट्रांसफार्मर पर 25 किलोवाॅट का प्लांट लग सकेगा। कहा कि 250 से अधिक आबादी वाले 955 गांवों को सड़क से जोड़ा जा चुका है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की इस उपलब्धि पर केन्द्र सरकार अब तक 17 अवार्ड दे चुकी है।

उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि 13वीं बार उनकी विधान सभा श्रीनगर में आयोजित कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया है जो कि श्रीनगर विधान सभा कि लिए सुनहरा अवसर है।  कहा कि आज स्व. श्री मोलाराम जी मूर्ति का अनावरण तथा 52 बेड का संयुक्त उप जिला चिकित्सालय ससमय बनाया गया जिसका विधिवत लोकापर्ण किया गया है, उन्होने कहा कि जिसका चैरास पुल का निर्माण कराया गया, श्रीनगर में पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए श्रीनगर को भी पानी उपलब्ध। श्रीनगर में 24 बड़े काम किये गये हैं मेडिकल काॅलेज में सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई। हमारी सरकार ने 35 एकड़ जमीन एनआईटी को दी है और काम शुरू हो चुका है। 24 करोड़ की लागत से जल्द ही उसका शिलान्यास होगा। स्टेडियम बनाया जा रहा है। सरकार बहुत जल्दी ठण्डी रोड़ भी बनाई जा रही है। हवाई सेवा शुरू कर दी गयी हैं, इसके साथ ही ट्रेन सुविधा भी जल्द, आॅलवेदर रोड़, नमामि गंगे में बहुत अच्छा काम किया गया है। कहा कि हमारी सरकार एक रूपये में पानी उपलब्ध करा रही है। बहुत बड़ा काम उत्तराखण्ड के इतिहास में हो रहा है। कहा कि उनकी विधान सभा में 09 स्मारक बनाये जा रहे है। पंथ्या दादा की भव्य मूर्ति 06 फूट की बनाई जायेगी, जो जगह चिन्ह्ति होने के बाद 04 माह में बनकर तैयार हो जायेगी। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा 09 लोगों के स्मारक बनाये जा रहे हैं, जिनमें सुमाड़ी में पंथ्या दादा स्मारक तथा रणीहाट में माधो सिंह भण्डारी के नाम से रेलवे स्टेशन बनाया जायेगा तथा उनकी प्रतिमा लगाई जायेगी। वहीं हेमवती नन्दन बहुगुणा का स्मारक व म्यूजियम, बुवाखाल में शिवानन्द नौटियाल का स्मारकध्गेट, प्रो. भक्तदर्शन स्मारक, टिंचरी माई स्मारक मंज्यूर थलीसैंण, चैथान में आनन्द सिंह गुसांई का स्मारक बनाया जायेगा। जबकि वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली स्मारक का शीघ्र ही लोकार्पण किया जायेगा। 429 राजस्व ग्राम है, 100 प्रतिशत सड़क पहुंच जायेगी। 100 प्रतिशत स्कूलों को चटाई मुक्त किया गया है। इस दौरान मा. मुख्यमंत्री ने वाहन चालक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, खिर्सू मनोज कुमार, डाॅ. अनिल बिष्ट, डाॅ. सत्येन्द्र यादव बेस चिकित्सालय श्रीनगर, श्री संयम स्टाफ नर्स, श्री अनिल सेमवाल लेब टैक्निशियन, श्री पंकज रावत मिनि.स्टाॅफ, श्री तरूण वार्ड अटेंडेनश, प्रधानाचार्य श्री चन्द्र सिंह रावत, डाॅ. गंभीर सिंह तालियान को प्रसस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। उपस्थित गणमान्यों ने मौलाराम के परिजन परपौत्री धनेश्वरी तोमर को स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर राज्यमंत्री दर्जाधारी अतर सिंह असवाल, राज्यमंत्री मातबर सिह रावत,  बहुउद्देशीय सहकारिता समिति अध्यक्ष संपत सिह रावत, गढ़वाल आयुक्त रविनाथ रमन, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल अपर जिला अधिकारी डॉ एस के बरनवाल, डीसीबी अध्यक्ष नरेन्द्र रावत, मण्डल अध्यक्ष गिरिश पैन्युली, मीडिया प्रभारी गणेश भट्ट, प्रदेश महा मंत्री सुधीर जोशी उप जिलाधिकारी रविन्द्र बिष्ट, मनीष कुमार, सीएमओ डॉ मनोज शर्मा,  प्रचार्य मेडिकल काॅलेज सीएमएस रावत, सीएमएस डॉ गोविंद पुजारी सहित संबंधित अधिकारी, जन प्रतिनिधि एवं आम जनमानस उपस्थित थे।

देवभूमि खबर

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