हाइकोर्ट ने फैक्ट्रीयों के प्रदूषण मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड  से मांगी रिपोर्ट

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नैनीताल। प्रदेश में प्रदूषण फैला रही फैक्ट्रियों के मामले में नैनीताल हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को एक माह के भीतर प्रदूषण फैला रही फैक्ट्रियों की विस्तृत रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं। साथ ही मामले की अगली सुनवाई 13 जून को होगी। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायधीश रमेश रंग नाथन और न्यायधीश नारायण सिंह धानिक की खंडपीठ में हुई.कोर्ट में सुनवाई के दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिवक्ता ने प्रदेश की सभी फैक्ट्रियों की लिस्ट दिखाई. साथ ही कोर्ट को बताया कि उन्होंने प्रदूषण फैला रही करीब 150 कंपनियों की जांच शुरू कर दी है। शेष फैक्ट्रियों की जांच की जा रही है.पूर्व में सरकार की तरफ से मौखिक रूप से खंडपीठ को बताया गया था कि प्रदूषण बोर्ड के द्वारा अभी तक मानकों को पूरा न करने वाली फैक्ट्रियों को चिन्हित कर लिया गया है। लगभग 130 फैक्ट्री को बंद करने का नोटिस जारी कर दिया गया है। पूर्व में कोर्ट ने केंद्रीय पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड से प्रदेश की सभी फैक्ट्रियों की लिस्ट मांगी थी, जिसमें कहा गया था कि प्रदेश में करीब 30 से 35 फैक्ट्री ऐसी है जो केंद्रीय पर्यावरण प्रदूषण बोर्ड के मानकों को पूरा नहीं कर पा रही है। बता दें कि उधम सिंह नगर निवासी हिमांशु चंदोला ने नैनीताल हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर बताया कि उधम सिंह नगर में करीब 30 फैक्ट्रियां ऐसी हैं, जिनके द्वारा जल, वायु प्रदूषण फैलाया जा रहा है। इसकी वजह से करीब 100 लोगों से अधिक की मौत भी हो चुकी है। वहीं, अभी भी फैक्ट्रियों से निकलने वाले गंदे पानी और धुएं से हेपेटाइटिस, पीलिया समेत कई घातक बीमारी फैल रही हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने कार्रवाई करते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को एक माह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।

देवभूमि खबर

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