देहरादून में यातायात व्यवस्था की गहन समीक्षा, एडीजी अपराध और कानून व्यवस्था ने दिए सख्त निर्देश

देहरादून में यातायात व्यवस्था की गहन समीक्षा, एडीजी अपराध और कानून व्यवस्था ने दिए सख्त निर्देश
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देहरादून। अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था ने पुलिस कार्यालय देहरादून में जनपद के सभी राजपत्रित अधिकारियों के साथ यातायात व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की, जिसमें बढ़ते ट्रैफिक दबाव, उपलब्ध संसाधनों, फोर्स की कमी और सुधारात्मक कदमों पर व्यापक चर्चा की गई।

समीक्षा गोष्ठी के दौरान क्षेत्राधिकारी यातायात द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रेजेंटेशन में बताया गया कि जनपद में वर्तमान समय में 03 इंटरसेप्टर वाहन, 03 हाइवे पेट्रोल, 02 बुलेट इंटरसेप्टर मोटरसाइकिल, 26 मोटरसाइकिल, 03 स्पीड रडार गन, 70 एल्कोमीटर, 345 ई-चालान मशीन, 62 बॉडी वॉर्न कैमरे व 05 हैंडीकैम उपलब्ध हैं।

वर्ष 2017 में 411 कर्मियों की तुलना में वर्तमान में केवल 269 यातायात कर्मी नियुक्त हैं, जिसके कारण विकासनगर, मसूरी और ऋषिकेश में सीमित तैनाती ही संभव हो पा रही है। वर्ष 2024 में 4145 जुलूस, रैली, धरना-प्रदर्शन और 38 मेले-त्योहार आयोजित हुए जबकि इस वर्ष अब तक 2653 जुलूस-रैली और 32 मेले-त्योहार आयोजित किए जा चुके हैं। पिछले वर्ष 04 वीवीआईपी और 2825 वीआईपी मूवमेंट हुए थे जबकि इस वर्ष अब तक 06 वीवीआईपी और 2575 वीआईपी कार्यक्रम संपन्न हो चुके हैं। जनपद में लगभग 12 लाख पंजीकृत वाहनों के कारण भी यातायात का भारी दबाव बना रहता है।

पुलिस द्वारा चिन्हित 20 बॉटल नेक्स पर अतिरिक्त फोर्स की आवश्यकता बताई गई है और पीडब्ल्यूडी, यूपीसीएल, गेल व जल संस्थान के निर्माण कार्यों के कारण भी सड़कों पर अतिरिक्त दबाव बना रहता है। नगर के 12 मुख्य मार्गों को नो-वेंडिंग जोन घोषित किया गया है और पूर्व के 52 ब्लैक स्पॉट में सुधार कर संख्या 20 तक सीमित कर दी गई है। मसूरी विकास प्राधिकरण के साथ मिलकर 241 पार्किंग स्थान चिन्हित किए गए हैं। पुलिस द्वारा ड्रंक एंड ड्राइव, रैश ड्राइविंग और ओवर स्पीडिंग पर पिछले वर्ष की तुलना में 2 से 3 गुना अधिक कार्रवाई की गई है, जिसके परिणामस्वरूप सड़क दुर्घटनाओं में 18% की कमी दर्ज की गई। वर्ष 2025 में कुल 1,72,499 चालान हुए जो 2024 की तुलना में 42.40 प्रतिशत अधिक हैं। ड्रंक एंड ड्राइव में 274%, खतरनाक ड्राइविंग में 111%, ओवर स्पीड में 177%, बिना हेलमेट में 48%, रेड लाइट उल्लंघन में 98%, नाबालिग वाहन संचालन में 666%, तीन सवारी पर 76% और मोबाइल फोन के उपयोग पर 21% की वृद्धि दर्ज की गई है।

समीक्षा के बाद एडीजी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ड्रंक एंड ड्राइव और ओवर स्पीडिंग पर और अधिक कठोर कार्रवाई की जाए तथा इसके लिए ट्रैफिक पुलिस की विशेष फ्लाइंग स्क्वाड बनाई जाए जो रात्री में रैंडम चेकिंग कर दोषियों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्तीकरण की रिपोर्ट भेजे। उन्होंने फोर्स की नियमित ब्रीफिंग, पीक आवर्स में थाना प्रभारी की व्यक्तिगत उपस्थिति, बेसमेंट पार्किंग का सुचारू उपयोग, नो-वेंडिंग जोन का पालन सुनिश्चित करने, बॉटल-नेक्स पर सुधारात्मक कार्रवाई, आमजन से नियमित संवाद, रैलियों व आयोजनों की रियल-टाइम सूचना प्रसारित करने तथा सभी विभागों के निर्माण कार्य केवल रात्री में करवाने जैसे निर्देश दिए।

गोष्ठी में निदेशक यातायात एन.एस. नपलच्याल, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून अजय सिंह सहित सभी राजपत्रित अधिकारी उपस्थित रहे जबकि नगर क्षेत्र के सभी थाना प्रभारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रतिभाग किया।

देवभूमि खबर

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