उत्तराखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ का अनिश्चितकालीन कार्मिक अनशन 11वें दिन भी जारी, सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान
देहरादून। उत्तराखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ का 14 नवंबर से जारी कार्मिक अनशन आज 11वें दिन भी जारी रहा। धरने और अनशन को लगातार अन्य संगठनों का समर्थन मिल रहा है। आज डोईवाला, कालसी, रायपुर और सहसपुर क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों ने पहुंचकर आंदोलन को मजबूती प्रदान की।
आज के कार्मिक अनशन में विशेष रूप से संबोधित करते हुए संगठन की प्रदेश अध्यक्ष सुशीला खत्री ने कहा कि यह सरकार महिलाओं के लिए पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में महिलाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और बड़ी संख्या में आंदोलनकारियों, विशेषकर महिलाओं, ने अपने प्राणों की आहुति देकर इस राज्य का सपना साकार किया था, लेकिन आज तक किसी भी सरकार के कार्यकाल में उस सपने की झलक दिखाई नहीं दी।
सुशीला खत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्षरत हैं और यह उनका हक है कि सरकार उनकी मांगों को पूरा करे। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय कार्यों के साथ-साथ सरकार उनसे अन्य विभागों का भी काम कराती है, लेकिन उसका प्रतिफल उन्हें नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि सरकार “कुंभकरणीय नींद” में सोई हुई है और अब उसे जगाने के लिए संगठन ने आर-पार की लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है।
उन्होंने घोषणा की कि कार्मिक अनशन के बाद आगामी 2 दिसंबर 2025 को सचिवालय का घेराव किया जाएगा। संगठन ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन और अधिक तेज़ किया जाएगा।

