हर सोमवार को हो रही जनसुनवाई: डीएम मयूर दीक्षित ने 61 शिकायतों में से 35 का मौके पर कराया निस्तारण

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हरिद्वार। जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रत्येक सोमवार को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 61 शिकायतें/समस्याएं दर्ज की गईं, जिनमें से 35 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को त्वरित कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया।

जनसुनवाई कार्यक्रम में राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत, राशन, अतिक्रमण, पेयजल सहित अन्य विभागों से संबंधित समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं।

कार्यक्रम के दौरान जगदीश नगर ज्वालापुर निवासी सतीश कुमार अरोड़ा ने हरिलोक आवासीय योजना के अंतर्गत एचआरडीए से खरीदे गए अपने भूखंड के एक हिस्से के एनएच-58 में वर्ष 2014 में अधिग्रहण के बावजूद अब तक मुआवजा न मिलने की शिकायत दर्ज कराई और शीघ्र भुगतान की मांग की। वहीं औरंगाबाद निवासी बलवंत सिंह ने हेतमपुर परगना रुड़की में अपनी भूमि पर पड़ोसी द्वारा मेढ़ बांधकर पोपुलर के पेड़ लगाने की शिकायत करते हुए भूमि की पैमाइश और डौलबंदी कराने का अनुरोध किया।
ग्राम ऐथल बुजुर्ग निवासी सोराब अली ने विधायक निधि से बन रही सड़क में घटिया निर्माण सामग्री उपयोग किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। ग्राम पंचायत हजारा ग्रांट की प्रधान ममतेश ने वाल्मीकि बस्ती से नदी की ओर जाने वाली बंद पड़ी चकरोड को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की मांग की।
इसके अतिरिक्त डॉ. हिमांशु त्रिवेदी ने चंद्राचार्य चौक, आर्यनगर व ज्वालापुर रेलवे फाटक के पास फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने की मांग उठाई। वहीं शिवगंगा विहार कॉलोनी के क्षेत्रवासियों ने दादूपुर-गोविंदपुर क्षेत्र में प्लास्टिक कबाड़ जलाए जाने से फैल रहे प्रदूषण को रोकने और कबाड़खाने को हटाने की मांग की। ग्राम फेरूपुर निवासी राजबीर ने अपनी भूमि की पैमाइश कराने को लेकर प्रार्थना पत्र सौंपा।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बरते जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण की आवश्यकता है, उनमें अधिकारी आपसी समन्वय से मौके पर जाकर समस्या का समाधान सुनिश्चित करें।

बैठक में सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि 36 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। वर्तमान में एल-1 स्तर पर 588 और एल-2 स्तर पर 118 शिकायतें लंबित हैं, जिनके शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि शिकायतकर्ताओं से सिस्टम के माध्यम से फोन पर वार्ता कर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, मुख्य चिकित्साधिकारी आर.के. सिंह, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला पंचायतराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नलिनी ध्यानी, अधिशासी अभियंता लोनिवि दीपक कुमार, परियोजना निदेशक उरेडा वाई.एस. बिष्ट सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादी उपस्थित रहे।

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