रुद्रप्रयाग में पशुपालन और डेयरी योजनाओं की समीक्षा, डीएम विशाल मिश्रा बोले—हर पात्र किसान तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

रुद्रप्रयाग। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा संचालित जिला सेक्टर, राज्य सेक्टर, केंद्र पोषित एवं बाह्य सहायतित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लाभार्थियों की संख्या, वित्तीय एवं भौतिक प्रगति तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष रावत ने बैठक में गौ पालन, बकरी पालन, भेड़ पालन, महिला बकरी पालन, गोट वैली, ब्रायलर फार्म स्थापना, बैकयार्ड कुक्कुट पालन, निःशुल्क चारा बीज वितरण तथा ग्राम्य गौ सेवक योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने योजनाओं के तहत लाभान्वित किसानों की संख्या, व्यय और जमीनी प्रभाव का भी ब्यौरा प्रस्तुत किया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विभागीय प्रदर्शनियों एवं जागरूकता कार्यक्रमों में स्थानीय किसानों, पशुपालकों और जनप्रतिनिधियों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर पात्र लोगों तक उनकी जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान इनका लाभ उठा सकें।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों और पशुपालकों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र लाभार्थी योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने एक ही लाभार्थी को एक ही योजना का दोहरा लाभ न दिए जाने और सभी योजनाओं के लाभार्थियों की ब्लॉकवार रिपोर्ट तैयार कर नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में डेयरी विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। गंगा गाय महिला डेयरी योजना, दुग्ध समितियों की कार्यप्रणाली, दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन योजना, बछिया पालन योजना तथा अन्य डेयरी विकास कार्यक्रमों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद की उत्कृष्ट दुग्ध समितियों, प्रगतिशील डेयरी किसानों और महिला दुग्ध उत्पादकों की सफलता की कहानियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग डेयरी व्यवसाय से जुड़कर स्वरोजगार के अवसरों का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बन सकता है।
बैठक के दौरान डीएम ने बाजार में मिलावटी डेयरी उत्पादों पर विशेष निगरानी रखने, नियमित जांच अभियान चलाने और आवश्यकतानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि उपभोक्ताओं को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पाद उपलब्ध हो सकें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष रावत, वरिष्ठ प्रबंधक दुग्ध सरवन शर्मा, सहायक निदेशक दुग्ध भूपेंद्र बिष्ट, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी संदीप भट्ट, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव गोयल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
