अमेरिका के नागरिकों से 7.21 मिलियन डॉलर की साइबर ठगी, सीबीआई ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार

अहमदाबाद से अवैध कॉल सेंटर संचालित कर अमेरिकी नागरिकों से करोड़ों डॉलर की साइबर ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह के मुख्य आरोपी को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की गिरफ्तारी 23 सितंबर 2026 को की गई।
सीबीआई ने इस मामले में 8 सितंबर 2026 को आरोपी सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जांच में सामने आया कि वर्ष 2024 से अहमदाबाद, गुजरात से अवैध कॉल सेंटर के माध्यम से बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का गिरोह संचालित किया जा रहा था।
आरोपी और उसके सहयोगी आपराधिक साजिश के तहत अमेरिकी नागरिकों को वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी) के माध्यम से फोन करते थे और खुद को अमेरिकी संघीय एजेंसियों के अधिकारी बताते थे। वे पीड़ितों को डराते हुए झूठी जानकारी देते थे कि उनके कंप्यूटर सिस्टम का इस्तेमाल किसी अन्य व्यक्ति द्वारा बाल अश्लील सामग्री तक पहुंच बनाने में किया गया है।
इसके बाद आरोपी पीड़ितों को उनके बैंक खातों में जमा धनराशि निकालने, सोना खरीदने और उसे अमेरिका में उनके द्वारा लगाए गए कूरियर कर्मियों को सौंपने के लिए मजबूर करते थे। इस तरीके से गिरोह ने अमेरिकी नागरिकों से 7.21 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की धनराशि ठगी।
मामला दर्ज होने के बाद सीबीआई ने अहमदाबाद में आरोपी से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान साइबर अपराध से संबंधित महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए।
जांच के दौरान सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी ने अवैध कॉल सेंटर की स्थापना और उसके संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसी आधार पर सीबीआई ने उसे 23 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर लिया। मामले में आगे की जांच जारी है।
