बैंक धोखाधड़ी मामले में तीन बैंक अधिकारियों को सात साल की कठोर कारावास

बैंक धोखाधड़ी मामले में तीन बैंक अधिकारियों को सात साल की कठोर कारावास
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जयपुर। सीबीआई अदालत, जयपुर ने बैंक धोखाधड़ी के एक मामले में ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) की श्योसिंहपुरा, लालसोट, दौसा शाखा में तैनात रहे तीन लोक सेवकों को दोषी ठहराते हुए सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 85 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने यह फैसला 18 सितंबर 2026 को सुनाया।

दोषियों में तत्कालीन शाखा प्रबंधक रामजी लाल मीणा, तत्कालीन विशेष सहायक मुरारी लाल मीणा तथा चपरासी-सह-हाउसकीपर थान सिंह लश्कर शामिल हैं।

सीबीआई ने तत्कालीन उप महाप्रबंधक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स की शिकायत पर 1 फरवरी 2019 को मामला दर्ज किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि तत्कालीन विशेष सहायक मुरारी लाल मीणा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अनधिकृत रूप से ‘नो ड्यूज प्रमाण पत्र’ जारी किए। इसके माध्यम से बकाया ऋण देनदारियों के बावजूद बंधक रखी गई प्रतिभूतियों को जारी करने में सुविधा प्रदान की गई।

जांच में सामने आया कि इस कार्रवाई से बैंक को तीन ऋण खातों में कुल 12,14,660.71 रुपये की गलत हानि हुई। मामले की जांच पूरी करने के बाद सीबीआई ने 5 मई 2022 को मुरारी लाल मीणा, रामजी लाल मीणा और थान सिंह लश्कर के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।

मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद सीबीआई अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सात-सात वर्ष के कठोर कारावास तथा 85-85 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

देवभूमि खबर

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