उद्योग बंधुओं द्वारा संचालित की जा रही औद्योगिक इकाइयों के संचालन में किसी प्रकार की कोई असुविधाएं न हो:मयूर दीक्षित
रुद्रप्रयाग। उद्योग बंधुओं की समस्याओं के निराकरण एवं उनके द्वारा स्थापित किए जाने वाले औद्योगिक इकाइयों के लिए ऋण उपलब्ध कराए जाने हेतु जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में जिला उद्योग मित्र एवं उप समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र को निर्देश दिए हैं कि उद्योग बंधुओं द्वारा अपनी औद्योगिक इकाइयों को स्थापित करने हेतु ऋण उपलब्ध कराए जाने हेतु जो भी आवेदन किए जाते हैं उन आवेदनों को शीर्ष प्राथमिकता से नियमानुसार स्वीकृत कराने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए इसमें किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि उद्योग बंधुओं द्वारा संचालित की जा रही औद्योगिक इकाइयों के संचालन में किसी प्रकार की कोई असुविधाएं हैं तो उनका तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए ताकि उद्योग बंधुओं को अपने औद्योगिक इकाइयों के संचालन में किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो इसके लिए सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए समस्याओं का निराकरण तत्परता से करें। बैठक में उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि औद्योगिक इकाइयों को स्थापित करने में यदि किसी व्यक्ति द्वारा काफी समय के बाद भी औद्योगिक इकाई स्थापित नहीं की जाती है तो ऐसे इकाइयों को निरस्त करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने उपस्थित विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के संचालकों से कहा कि उनके द्वारा जो भी प्रोडक्ट तैयार किए जा रहे हैं उन प्रोडक्टों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा उसमें तैयार करने की सामग्री की तिथि एवं एक्सपायरी डेट का भी अनिवार्य रूप से उसमें अंकन किया जाए। उन्होंने सभी को यह भी हिदायत दी कि प्रोडक्ट तैयार करने में किसी भी दशा में प्लास्टिक का उपयोग न किया जाए यदि किसी औद्योगिक इकाइयों में प्लास्टिक का उपयोग करना पाया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही करते हुए चालान भी किया जाएगा जो 25 हजार तथा उससे अधिक भी हो सकती है। इसके लिए उन्होंने सभी को हिदायत दी कि जनपद में प्लास्टिक को पूर्णतः प्रतिबंध करने के लिए सभी से सहयोग अपेक्षित है। सभी के सहयोग से ही प्लास्टिक से पर्यावरण को होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है।
बैठक में जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि कार्यालयों में उपयोग में लाई जाने वाली प्लास्टिक ट्रे, प्लास्टिक की डस्टबिन का उपयोग न किया जाए इसके लिए स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों द्वारा तैयार किए जा रहे रिंगाल के डस्टबिन एवं ट्रे को कार्यालय में उपयोग हेतु क्रय करने के निर्देश दिए गए। वर्तमान में यह कार्य जनपद में प्रेम लाल मनसूना द्वारा यह प्रोडक्ट तैयार किए जा रहे हैं।
बैठक में महाप्रबंधक उद्योग एच.सी. हटवाल ने अवगत कराया कि मिनी औद्योगिक आस्थान भटवाड़ी सैण में 15 इकाइयों को स्थापित करने के लिए भूखंड आवंटित किया गया है जिसमें कार्य प्रगति पर है। उन्होंने यह भी कहा कि मिनी औद्योगिक आस्थान भटवाड़ी सैण रुद्रप्रयाग के अतिरिक्त कुछ भूमि व्यवसायिक प्रयोजन हेतु अविकसित है जो किस दुकानों/वाहन पार्किंग हेतु आरक्षित है। विभाग के अधीन पंजीकृत इकाइयों को विद्युत विभाग द्वारा विद्युत संयोजन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, वर्तमान में विद्युत विभाग में जनपद की किसी भी औद्योगिक इकाई का विद्युत संयोजन प्रकरण लंबित नहीं है। उन्होंने अवगत कराया कि ब्याज उपादान में उद्यमी हेतु 10 प्रतिशत अधिकतम 8 लाख प्रति इकाई प्रतिवर्ष दिए जाने का प्राविधान है तथा बैठक में मैसर्स रुद्रा बैकर्स, भटवाड़ीसैण का ब्याज उपादान तथा विद्युत बिलों की प्रतिपूर्ति का प्रकरण को जिलाधिकारी द्वारा अनुमोदित किया गया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार, लीड बैंक अधिकारी धन सिंह डुंगरियाल, अधिशासी अभियंता विद्युत मनोज कुमार, जल संस्थान संजय सिंह, ग्रामीण निर्माण विभाग हितेश पाल सिंह, जिला उद्यान अधिकारी योगेंद्र सिंह चैधरी, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, ग्रामोद्योग अधिकारी कमल रावत, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. विमल गुसांई सहित उद्योग बंधु मौजूद रहे।

