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श्रीदेव सुमन का बलिदान जीवन में विशेष महत्व रखता है:अभिषेक रुहेला

श्रीदेव सुमन  का बलिदान जीवन में विशेष महत्व रखता है:अभिषेक रुहेला
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उत्तरकाशी ।  जनपद में अमर शहीद श्रीदेव सुमन के बलिदान दिवस को याद किया गया।  विद्यालयों एवं विभिन्न शिक्षण संस्थानों के स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा प्रातः प्रभात फेरी निकाली गई। हनुमान चौक में स्थित श्रीदेवसुमन जी की मूर्ति पर जिलाधिकारी अभिषेक रुहेला, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश सेमवाल,वरिष्ठ समाज सेवी नागेंद्र थपलियाल,विष्णुपाल रावत, शैलेन्द्र नौटियाल आदि ने माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। उसके बाद

      जिला कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी,अपर जिलाधिकारी सहित विभिन्न कार्मिकों द्वारा  दीप प्रज्वलित कर श्री देवसुमन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। 

     श्रीदेवसुमन सुमन जी के जीवन और संघर्ष पर वक्ताओं द्वारा अपने विचार व्यक्त किए। वरिष्ठ समाजसेवी नागेंद्र थपलियाल,पर्यावरण प्रेमी प्रताप पोखरियाल,शैलेन्द्र नौटियाल, विष्णुपाल रावत ने अपने विचार रखें।  उन्होंने बताया कि श्रीदेवसुमन जी ने ऐतिहासिक 84 दिन तक भूख हड़ताल की। उनका यह बलिदान शाहदत दिवस के रुप में मनाया जा रहा है। देवभूमि में अनेक दिव्य रणबाकुरों ने जन्म लिया है। यह भूमि हमारे रणबांकुरों,वीर चंद्र सिंह गढ़वाली,तीलू रौतेली श्रीदेवसुमन सहित अनेक वीरों की भूमि रही है। 

   जिलाधिकारी ने अपने सम्बोधन में कहा कि श्रीदेव सुमन का बलिदान जीवन में विशेष महत्व रखता है उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया था।उनके बलिदान से आने वाली पीढ़ियों ने सीखा तथा उनके मूल्यों एवं प्रेरणा से राजशाही एवं ब्रिटिश साम्राज्य का अंत हुआ। मजबूत लोकतंत्र के लिए देश ने एक जुट होकर कार्य किया। फलस्वरूप श्रीदेवसुमन जी ने जेल के अंदर गरीब,वंचित के उत्थान लिए जो सपने देखे थे,उनको पूरा करने की सार्थक पहल हुई। उपस्थित कार्मिकों  को सम्बोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि उनके जीवन एवं मूल्यों से प्रेरणा लेकर गरीब और वंचितों की समस्याओं के समाधान का हिस्सा बनाया जाय। ताकि उनके द्वारा देखे गए सपने को साकार किया जा सकें। उसके उपरांत जिलाधिकारी ने श्रीदेवसुमन सामिति के साथ सुमन वाटिका में वृक्षारोपण किया। कार्यक्रम में मंच संचालन सहायक समाज कल्याण अधिकारी गोपाल राणा द्वारा किया गया। 

देवभूमि खबर

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