कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास और निर्माण कार्य तेज करने के दिए निर्देश
देहरादून। राज्य के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सोमवार को सचिवालय स्थित डीएमएमसी सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के पाबों, थलीसैण और खिर्सू विकासखण्डों में आपदा से हुए नुकसान का त्वरित आंकलन करने और पुनर्निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए।
डॉ. रावत ने संबंधित विभागों की संयुक्त टीम को आपदा प्रभावित गांवों का स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त विद्यालयों, मोटरमार्गों, पुलों और पेयजल लाइनों का निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ किया जाए। इसके लिए आपदा मद से धनराशि जारी करने का अधिकार जिलाधिकारी को 1 करोड़ रुपये और मंडलायुक्त को 5 करोड़ रुपये तक दिया गया है।
बैठक में उन्होंने महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा को निर्देश दिया कि क्षतिग्रस्त स्कूलों के पुनर्निर्माण हेतु आपदा मद से जारी 20 करोड़ रुपये की राशि का आवश्यकतानुसार सभी जनपदों में वितरण किया जाए, ताकि समय पर निर्माण कार्य पूर्ण हो सके। साथ ही, मासौं और सैंजी गांव के लगभग 35 प्रभावित परिवारों के विस्थापन और पुनर्वास की प्रक्रिया तुरंत शुरू करने के आदेश भी दिए गए।
डॉ. रावत ने बताया कि पाबों, खिर्सू, पैठाणी, थलीसैण, श्रीनगर और चौथान क्षेत्रों के 66 गांवों में जलापूर्ति बाधित है, जबकि 11 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप है। दर्जनों सड़कें आपदा में क्षतिग्रस्त हो गई हैं। उन्होंने सभी विभागों को जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर मूलभूत सुविधाएं शीघ्र बहाल करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा, उन्होंने वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के विशेषज्ञ दल को प्रभावित क्षेत्रों में भेजकर भूगर्भीय सर्वेक्षण कराने और भविष्य की ठोस योजनाएं तैयार करने के लिए रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में लोक निर्माण विभाग, आपदा प्रबंधन, विद्यालयी शिक्षा, ऊर्जा, पेयजल, ग्राम विकास, कृषि, ब्रिडकुल, पीएमजीएसवाई आदि विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

