चमोली में डेंगू-मलेरिया की रोकथाम को लेकर सीडीओ ने दिए सख्त निर्देश, सभी अस्पतालों में तैयारियां तेज़
चमोली। जिले में मानसून सीजन के मद्देनज़र डेंगू, मलेरिया जैसे वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम व नियंत्रण के लिए जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने की।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी अस्पतालों के प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक चिकित्सालय में डेंगू और मलेरिया से संबंधित सभी आवश्यक औषधियां, मच्छरदानी, जांच किट और अन्य जरूरी सामग्रियों की व्यवस्था समय पर सुनिश्चित कर ली जाए।
उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी डेंगू के लार्वा के पनपने वाले स्थलों को चिन्हित कर नष्ट किया जाए और इस संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ब्लॉक स्तर पर अन्य विभागों के साथ समन्वय बनाकर कार्यवाही की जाए। इसके साथ ही, स्कूलों में भी स्वच्छता और पूर्ण यूनिफॉर्म पहनने के निर्देश जारी किए जाएं।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से जनपद के विकासखंडों में डेंगू की स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले के नौ विकासखंडों में 25 आइसोलेशन बेड तैयार किए गए हैं, जिन्हें आवश्यकता अनुसार बढ़ाया जा सकता है। डेंगू की कन्फर्मatory टेस्टिंग के लिए जिला अस्पताल गोपेश्वर में एलाईजा जांच मशीन स्थापित की गई है।
डॉ. गुप्ता ने बताया कि सभी विकासखंडों में डेंगू की रोकथाम के लिए पर्याप्त दवाएं और रैपिड जांच किट उपलब्ध हैं, जो सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि डेंगू के प्रसार की आशंका को देखते हुए सभी तैयारियां अभी से पूरी कर ली जाएं। आशा कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर लार्वा नष्ट करने और प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
इस बैठक में प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुराग धनिक, चिकित्सा अधिकारी वैभव कृष्ण समेत जिले के सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

