उत्तराखंड को रेल नेटवर्क की बड़ी सौगात की तैयारी, मुख्यमंत्री धामी ने रेल मंत्री के समक्ष रखे कई अहम प्रस्ताव

नई दिल्ली।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर उत्तराखंड में रेल अवसंरचना को मजबूत करने, रेल संपर्क के विस्तार और विभिन्न महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं में तेजी लाने के संबंध में विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा, धार्मिक पर्यटन, कुम्भ-2027 और राज्य की बढ़ती परिवहन आवश्यकताओं को देखते हुए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव केंद्रीय रेल मंत्री के समक्ष रखे।
मुख्यमंत्री ने मुंबई-देहरादून के बीच वंदे भारत अथवा सुपरफास्ट एक्सप्रेस सेवा शुरू करने, मुंबई-हरिद्वार और मुंबई-रामनगर रेल सेवाओं की आवृत्ति बढ़ाने तथा देहरादून-कोटा रेल सेवा को सूरत, वडोदरा और मुंबई तक विस्तारित करने का अनुरोध किया। उन्होंने रामनगर-मुंबई और हरिद्वार-मुंबई रेल सेवाओं को नियमित अथवा सप्ताह में कम से कम तीन दिन संचालित करने की भी मांग की, जिससे प्रवासी उत्तराखंडवासियों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिल सके।
मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश के पुराने रेलवे स्टेशन की भूमि राज्य सरकार को हस्तांतरित करने का अनुरोध करते हुए कहा कि यहां उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (UIIDB) और रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) के सहयोग से प्रस्तावित ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजना को गति दी जा सकती है। इसके लिए रेल मंत्रालय से आवश्यक निर्देश जारी करने का भी आग्रह किया गया।
मुख्यमंत्री ने किच्छा-सितारगंज-खटीमा नई रेल लाइन परियोजना की पूरी लागत केंद्र सरकार द्वारा वहन करने, स्थानीय किसानों की चिंताओं का समाधान करने तथा ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर शीघ्र रेल संचालन शुरू करने की मांग भी रखी।
उन्होंने बनबसा रेलवे स्टेशन पर टनकपुर से संचालित त्रिवेणी एक्सप्रेस, मथुरा एक्सप्रेस और दौराई एक्सप्रेस के अल्पकालिक ठहराव की मांग की। मुख्यमंत्री ने बताया कि बनबसा भारत-नेपाल सीमा से लगा महत्वपूर्ण व्यापारिक एवं सामरिक क्षेत्र है और यहां सेना की राजपूत रेजिमेंट भी स्थित है। इस पर केंद्रीय रेल मंत्री ने बनबसा स्टेशन पर इन ट्रेनों के ठहराव को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की।
मुख्यमंत्री ने हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के दोहरीकरण के तहत रायवाला से देहरादून तक लंबित कार्य शीघ्र पूरा करने तथा हरिद्वार, हर्रावाला, देहरादून, खटीमा, लक्सर, रुड़की, टनकपुर और बनबसा रेलवे स्टेशनों के सौंदर्यीकरण एवं विस्तार का भी अनुरोध किया, जिस पर केंद्रीय रेल मंत्री ने सहमति जताई।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने खटीमा-मझोला पीलीभीत रेलवे फाटक संख्या-18C को जनहित में दोबारा खोलने का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि फाटक बंद होने से स्थानीय ग्रामीणों, किसानों और पर्यटकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर भी केंद्रीय रेल मंत्री ने सकारात्मक सहमति व्यक्त की।
बैठक के दौरान केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत सभी प्रमुख प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार करने और उत्तराखंड की रेल परियोजनाओं को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया।

