देहरादून में कानून-व्यवस्था पर कांग्रेस का हमला, गरिमा ने उठाए गंभीर सवाल
देहरादून। राजधानी देहरादून में हाल के दिनों में सामने आई दो घटनाओं को लेकर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि देहरादून में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है और आम जनता को परेशान करने वालों के खिलाफ सरकार कठोर कार्रवाई करने से बच रही है।
गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि एक ओर स्टोर कर्मचारियों के साथ कथित उत्पीड़न कर उनकी नेम प्लेटों पर आपत्तिजनक शब्द लिखे गए, वहीं दूसरी ओर राजधानी की सड़कों पर युवतियों और आम नागरिकों को कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा परेशान किए जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इन घटनाओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि कोई संगठन या समूह कानून को अपने हाथ में लेकर नागरिकों को भयभीत कर रहा है, तो पुलिस प्रशासन मूकदर्शक क्यों बना हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से स्पष्ट करने की मांग की कि उनकी सरकार कानून के शासन से चलेगी या कुछ संगठनों के दबाव में।
गरिमा ने कहा कि यदि व्यापारी, कर्मचारी, महिलाएं और आम नागरिक स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, तो यह सरकार की विफलता का संकेत है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था केवल बयान देने से नहीं संभलती, बल्कि सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी व्यक्ति के साथ धर्म, पहचान या विचारधारा के आधार पर भेदभाव न हो तथा महिलाओं की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए।
कांग्रेस पार्टी ने सरकार से मांग की है कि दोनों घटनाओं की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए, दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा राजधानी देहरादून में महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। साथ ही मुख्यमंत्री स्पष्ट निर्देश जारी करें कि कोई भी संगठन कानून अपने हाथ में नहीं ले सकता।
गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि उत्तराखंड की शांतिप्रिय जनता भय और अराजकता नहीं, बल्कि सुरक्षा, न्याय और कानून का निष्पक्ष शासन चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सामाजिक सद्भाव और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाती रहेगी।

