राज्य आंदोलनकारियों के लंबित मुद्दों पर गरजा आंदोलनकारी मंच, कैबिनेट उपसमिति गठन और चिन्हीकरण प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग

देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच की बैठक रविवार को शहीद स्मारक, देहरादून में आयोजित हुई। बैठक में राज्य आंदोलनकारियों के लंबित मामलों, चिन्हीकरण प्रक्रिया में हो रही देरी, 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के पालन तथा अन्य मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करते हुए सरकार से शीघ्र समाधान की मांग की गई।
बैठक की अध्यक्षता केशव उनियाल ने तथा संचालन पूरण सिंह लिंगवाल ने किया। बैठक में आंदोलनकारी सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष बड़थ्वाल विशेष रूप से उपस्थित रहे।
प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी, प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती तथा यशोदा रावत ने कहा कि सात माह बीत जाने के बावजूद राज्य आंदोलनकारियों की चिन्हीकरण प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। साथ ही 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन सहित अन्य लंबित मामलों पर भी सरकार की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को लेकर आंदोलनकारी जल्द अपनी अगली रणनीति तय करेंगे।
बैठक में आंदोलनकारी सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष बड़थ्वाल द्वारा शासन स्तर पर चिन्हीकरण, 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, पुरानी नियुक्तियों तथा आयु सीमा से जुड़े मामलों के समाधान के लिए कैबिनेट उपसमिति गठन की पहल का स्वागत किया गया।
महासचिव रामलाल खंडूड़ी, हरी सिंह मेहर और विशम्भर दत्त बौठियाल ने मुख्यमंत्री से शीघ्र कैबिनेट उपसमिति गठित करने की मांग करते हुए कहा कि इससे राज्य आंदोलनकारियों के वर्षों से लंबित मामलों का समाधान होगा और प्रदेश में सकारात्मक संदेश जाएगा।
अध्यक्षीय संबोधन में केशव उनियाल ने घोषणा की कि उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच जल्द ही एक प्रदेश स्तरीय सम्मेलन आयोजित करेगा, जिसकी तिथि कार्यकारिणी की बैठक में तय कर घोषित की जाएगी।
बैठक में पुष्पलता सिलमाणा, राधा तिवारी और अरुणा थपलियाल ने देहरादून के जिलाधिकारी से राज्य आंदोलनकारियों की चिन्हीकरण समिति की बैठक शीघ्र आयोजित कर पात्र आंदोलनकारियों की सूची जारी करने की मांग की।
बैठक में सुभाष बड़थ्वाल, केशव उनियाल, जगमोहन सिंह नेगी, रामलाल खंडूड़ी, विशम्भर दत्त बौठियाल, प्रदीप कुकरेती, मोहन सिंह रावत, गणेश डंगवाल, प्रभात डंडरियाल, सुधीर नारायण शर्मा, दुर्गा प्रसाद क्षेत्री, रेणुका पंत, क्रांति अभिषेक, मनोज नौटियाल, रेवती बिष्ट, वीरेंद्र रावत, सुशील चमोली, कमल सिंह गुसाईं, उमा दत्त जुगरान, राजेंद्र प्रसाद डिमरी सहित बड़ी संख्या में राज्य आंदोलनकारी उपस्थित रहे।

