ईडी की बड़ी कार्रवाई: ₹2,110 करोड़ की निवेश राशि जुटाने का आरोप, बेलगावी-चिक्कोड़ी-निपानी में छापेमारी

बेलगावी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मंगलुरु कार्यालय ने 7 अगस्त 2026 को कर्नाटक के बेलगावी, चिक्कोड़ी और निपानी में कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई M/s Shivam Associates, शिवानंद सिद्धप्पा नीलन्नावर और उनसे जुड़े अन्य व्यक्तियों एवं संस्थाओं के परिसरों पर धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 17 के तहत की गई।
ईडी ने यह जांच बेलगावी सिटी के मालामारुति थाना में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की। एफआईआर में आरोप है कि आम लोगों को असामान्य रूप से अधिक और सुनिश्चित रिटर्न का भरोसा दिलाकर निवेश के लिए प्रेरित किया गया। मामला Banning of Unregulated Deposit Schemes Act, 2019 और Karnataka Protection of Interest of Depositors in Financial Establishments Act, 2004 से संबंधित है।
ईडी की जांच के प्रारंभिक निष्कर्षों के अनुसार, शिवम एसोसिएट्स और उससे जुड़े व्यक्तियों एवं संस्थाओं ने बड़ी संख्या में निवेशकों से भारी मात्रा में धन जुटाया। बैंक खातों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड के विश्लेषण में धनराशि के विभिन्न कारोबारी, व्यक्तिगत और मध्यस्थ खातों के माध्यम से स्थानांतरण के संकेत मिले हैं। इनमें स्टॉक ब्रोकर, फिक्स्ड डिपॉजिट, संबंधित व्यक्तियों और अन्य लाभार्थियों को किए गए लेनदेन भी शामिल हैं।
जांच में ईडी ने शिवानंद सिद्धप्पा नीलन्नावर, सुभाष रामगौड़ा नंदार्गी, महेश एस. नीलन्नावर, शिवम प्रोडक्शंस, शिवम लाइफलाइन प्राइवेट लिमिटेड, शिवम सेवा (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड समेत अन्य संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थाओं के बीच वित्तीय संबंधों का भी पता लगाया है।
ईडी के अनुसार, जांच में सामने आया कि शिवानंद सिद्धप्पा नीलन्नावर ने निवेश पर 3 प्रतिशत प्रतिमाह रिटर्न देने का वादा कर लोगों से धन जुटाया। प्रारंभिक जांच के मुताबिक इस प्रक्रिया के माध्यम से जनता से करीब ₹2,110.97 करोड़ जुटाए गए, जबकि तलाशी कार्रवाई के दौरान करीब ₹333.89 करोड़ की वापसी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
ईडी के अनुसार, इस आधार पर कथित अपराध से अर्जित करीब ₹1,777.08 करोड़ की राशि का अभी पता लगाया जाना बाकी है। जांच में यह भी सामने आया कि लोगों को निवेश के लिए प्रेरित करने वाले कमीशन एजेंटों को करीब 0.5 प्रतिशत कमीशन दिया जाता था।
तलाशी अभियान के दौरान ईडी ने कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद कर जब्त किए। इनमें धन के लेनदेन, फंड के कथित डायवर्जन एवं पार्किंग, अचल संपत्तियों में निवेश तथा आरोपियों से जुड़े विभिन्न व्यक्तियों और संस्थाओं के साथ लेनदेन से संबंधित रिकॉर्ड शामिल हैं।
ईडी के मुताबिक बरामद दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। एजेंसी का कहना है कि इन साक्ष्यों के माध्यम से अपराध से अर्जित धन की उत्पत्ति, उसके स्थानांतरण, लेयरिंग और विभिन्न माध्यमों में निवेश किए जाने की कड़ियों की पड़ताल की जा रही है।

