गोल्डन कार्ड की खामियों और लंबित चिकित्सा दावों के भुगतान पर स्वास्थ्य मंत्री की अहम बैठक

गोल्डन कार्ड की खामियों और लंबित चिकित्सा दावों के भुगतान पर स्वास्थ्य मंत्री की अहम बैठक
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देहरादून। गोल्डन कार्ड योजना की खामियों के निराकरण और लंबित चिकित्सा दावों के शीघ्र भुगतान को लेकर मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सचिवालय संघ की पहल पर हुई बैठक में प्रदेश के विभिन्न कार्मिक संगठनों एवं पेंशनर्स संगठनों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में गोल्डन कार्ड योजना को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और कार्मिक हितैषी बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक से पूर्व सचिवालय संघ ने विभिन्न कार्मिक संगठनों के साथ समन्वय एवं सर्वसम्मति से तैयार एजेंडा बिंदुओं को प्रमुखता से रखा। इसमें अक्टूबर 2025 से राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण में लंबित चिकित्सा दावों का शीघ्र भुगतान, बार-बार गैप फंडिंग के स्थान पर राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त बजटीय व्यवस्था, गोल्डन कार्ड योजना को पूर्ण रूप से सीजीएचएस के अनुरूप लागू करने तथा शिकायत निवारण के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग प्रमुख रही।

कार्मिक संगठनों ने परिवार में 25 वर्ष से अधिक आयु के आश्रित सदस्यों को निर्धारित मानकों के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ देने, अस्पतालों द्वारा उपचार एवं भुगतान के संबंध में की जा रही मनमानी पर अंकुश लगाने तथा ओपीडी से संबंधित विभिन्न मदों को भी कैशलेस किए जाने की मांग उठाई।

बैठक में सभी संगठनों ने एकमत होकर गोल्डन कार्ड योजना को पूर्ण रूप से सीजीएचएस के अनुरूप लागू करने पर जोर दिया। साथ ही आयुष्मान योजना की तर्ज पर राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त बजटीय व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई, ताकि योजना के संचालन में बार-बार उत्पन्न होने वाली वित्तीय समस्याओं का स्थायी समाधान किया जा सके।

कार्मिक संगठनों की मांगों और प्रस्तुत तथ्यों पर स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त बजटीय व्यवस्था किए जाने तथा अस्पतालों की मनमानी पर प्रभावी अंकुश लगाने की आवश्यकता को स्वीकार किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक धनराशि का आकलन कर उसके आवंटन की कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य मंत्री ने गोल्डन कार्ड योजना के सुचारू संचालन के लिए कार्मिक संगठनों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही ओपीडी से संबंधित विभिन्न मदों को कैशलेस किए जाने के संबंध में प्रमुख कार्मिक संगठनों के साथ पुनः बैठक कर प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के लिए अध्यक्ष, राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण एवं सचिव स्वास्थ्य को निर्देशित किया गया।
बैठक का कार्यवृत्त 18 अगस्त 2026 तक अनिवार्य रूप से जारी करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही स्पष्ट किया गया कि बैठक में लिए गए निर्णयों को अंतिम रूप देने से पहले कार्मिक संगठनों को विश्वास में लिया जाए और संबंधित अधिकारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर अंतिम रूपरेखा तैयार करें।

सचिवालय संघ के महासचिव राजेंद्र रतूड़ी ने कहा कि सचिवालय संघ की पहल पर आयोजित बैठक में सभी कार्मिक संगठनों को एक मंच पर लाकर गोल्डन कार्ड की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए सामूहिक एवं सर्वसम्मत प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि कार्मिकों और पेंशनरों से नियमित अंशदान लिए जाने के बाद उन्हें गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

बैठक में सचिवालय संघ एवं विभिन्न कार्मिक तथा पेंशनर्स संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

देवभूमि खबर

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