नवंबर में प्रदेश के सभी 95 विकासखंडों में लगेंगे किसान ऋण मेले:डॉ. धन सिंह रावत

देहरादून। प्रदेश में किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए नवंबर माह में सभी 95 विकासखंडों में वृहद किसान ऋण मेलों का आयोजन किया जाएगा। सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने गुरुवार को यमुना कॉलोनी स्थित अपने शासकीय आवास पर विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इन मेलों की तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए।
बैठक में पिछली समीक्षा बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन, विभिन्न योजनाओं की प्रगति और आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। सहकारिता मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसान ऋण मेलों के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को सहकारी ऋण सुविधाओं से जोड़ा जाए। साथ ही, किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें इनका लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
डॉ. रावत ने कहा कि किसान ऋण मेलों का उद्देश्य केवल ऋण सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ना भी है। इसके लिए अभी से प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
बैठक में किसान समृद्धि कार्ड बनाने की प्रगति, इफको टोकियो के माध्यम से सहकारी क्षेत्र में बीमा सुविधाओं की स्थिति और केंद्र सरकार की धरती माता मृदा परीक्षण योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। इसके अलावा सहकारिता विभाग और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के प्रचार-प्रसार की स्थिति की जानकारी भी ली गई।
सहकारिता मंत्री ने अधिकारियों को सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने तथा उनका लाभ अधिकाधिक किसानों और आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता के लिए प्रभावी कार्ययोजना, नियमित निगरानी और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।
मंत्री ने सचिव सहकारिता को निर्देश दिए कि 22 अक्टूबर तक प्रस्तावित किसान ऋण मेलों और संबंधित योजनाओं की तैयारियों की दोबारा समीक्षा की जाए। इससे पहले सचिव सहकारिता सभी संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों का विस्तृत आकलन करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी करने को कहा, ताकि अगली समीक्षा बैठक में योजनाओं की प्रगति और आगामी कार्ययोजना का स्पष्ट विवरण प्रस्तुत किया जा सके।
केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय की बैठक के एजेंडे पर भी जोर
डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि नवंबर माह में भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की बैठक प्रस्तावित है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस बैठक में प्रस्तुत किए जाने वाले एजेंडे से संबंधित सभी तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएं। इसके लिए योजनाओं की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट, आवश्यक विवरण और विभागीय प्रस्ताव व्यवस्थित रूप से तैयार किए जाएं, ताकि प्रदेश की सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी उपलब्धियों, प्राथमिकताओं और आगामी योजनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सके।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि किसानों के हितों से जुड़ी योजनाओं और सहकारी क्षेत्र के विकास को सरकार प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में सचिव सहकारिता डॉ. इकबाल अहमद, निबंधक सहकारी समितियां डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, अनु सचिव सुरेंद्र दत्त बेलवाल, अपर निबंधक ईरा उप्रेती और आनंद शुक्ल, संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल, एम.पी. त्रिपाठी और रविंद्री मंदरवाल, प्रबंध निदेशक राज्य सहकारी बैंक प्रदीप मेहरोत्रा तथा उप निबंधक मोनिका चुनेरा और राजेश चौहान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


