“वन हैं तो हम हैं” – जंगलों को आग से बचाने के लिए जागरूकता गोष्ठी आयोजित
नैनीताल। वन संरक्षण और आग से बचाव को लेकर नैनीताल वन प्रभाग के ओखलकांडा रेंज में वनाग्नि सुरक्षा गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पुटगांव, पोखरी, कालागढ़ी, अम्दो, कुलोरी और बबियाड़ के वन अधिकारधारी सदस्यों और जायका योजना के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों के साथ आयोजित किया गया।
गोष्ठी में वन दरोगा चंद्र शेखर जोशी ने ग्रामीणों को जंगलों को आग से बचाने के लिए प्रेरित किया और इससे जुड़ी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा, “वन है तो सब कुछ है—हम भी हैं, हमारे बच्चे भी हैं, हवा भी है। अगर वन नहीं रहे, तो हमें शुद्ध हवा नहीं मिलेगी और फिर ‘राम नाम सत्य’ ही रह जाएगा।”
जोशी ने वैज्ञानिक तरीकों से जंगल में लगी आग को बुझाने के उपायों की जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे आग लगाने वाले अराजक तत्वों की जानकारी जुटाकर वन विभाग को सूचित करें ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
गोष्ठी में वनाग्नि सुरक्षा काल में अच्छा कार्य करने वाले सरपंचों, समूह सदस्यों और वन अधिकारी सदस्यों को पुरस्कृत करने की योजना पर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर अम्दो, पोखरी, पुटगांव और कालागढ़ी के सरपंच, समूह पदाधिकारी, बीटीसी सदस्य सुशीला कुरा, ग्राम प्रधान पोखरी खष्टी देवी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। गोष्ठी का संचालन अनिल फुलारा ने किया।
