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8 माह में नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को मिला न्याय, दोषी को 20 वर्ष का कठोर कारावास

8 माह में नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को मिला न्याय, दोषी को 20 वर्ष का कठोर कारावास
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हरिद्वार। महिला एवं बाल अपराधों के प्रति एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कोतवाली नगर पुलिस की प्रभावी विवेचना और मजबूत साक्ष्य संकलन के चलते नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी को महज 8 माह के भीतर सजा दिलाई गई। माननीय विशेष न्यायालय पॉक्सो ने दोषी अभियुक्त को 20 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

कोतवाली नगर क्षेत्र में 16 जनवरी 2026 को नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के संबंध में प्राप्त तहरीर के आधार पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता का तत्काल सरकारी अस्पताल हरिद्वार में मेडिकल परीक्षण कराया गया।

प्रकरण में त्वरित कार्रवाई करते हुए कोतवाली नगर पुलिस टीम ने 16 जनवरी 2026 को आरोपी सूरज प्रकाश पोखरियाल पुत्र वीरेंद्र पोखरियाल, निवासी घटियाली, पौड़ी गढ़वाल, हाल निवासी भारत माता पुरम कॉलोनी, भूपतवाला, थाना कोतवाली नगर, जनपद हरिद्वार को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया था।

मामले की विवेचक महिला उपनिरीक्षक निशा सिंह द्वारा प्रकरण में सभी आवश्यक साक्ष्यों का विधिवत संकलन करते हुए आरोपी के विरुद्ध 2 मार्च 2026 को माननीय न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया गया।

मुकदमे का विचारण माननीय विशेष न्यायालय पॉक्सो में हुआ। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद 9 सितंबर 2026 को आरोपी सूरज प्रकाश पोखरियाल को दोषी करार दिया। न्यायालय ने दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।

मामला अपराध संख्या 29/2026 के तहत धारा 65(2)(ड) भारतीय न्याय संहिता एवं धारा 5(ड)/6 पॉक्सो अधिनियम में दर्ज किया गया था। हरिद्वार पुलिस की त्वरित कार्रवाई, प्रभावी विवेचना और सशक्त साक्ष्य संकलन के परिणामस्वरूप नाबालिग पीड़िता को 8 माह के भीतर न्याय मिल सका।

देवभूमि खबर

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