उत्तराखण्ड में पशुचिकित्सकों के लिए सात दिवसीय उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ

उत्तराखण्ड में पशुचिकित्सकों के लिए सात दिवसीय उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ
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देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य पशुचिकित्सा परिषद, देहरादून द्वारा पशुपालन विभाग के 20 पशुचिकित्स अधिकारियों के लिए सात दिवसीय उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ‘Hands on Training in Ultrasonography & Radiology in Animals’ विषय पर आधारित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य पशुचिकित्सकों के तकनीकी एवं व्यावहारिक कौशल को सुदृढ़ करना है। कार्यक्रम का शुभारम्भ परिषद के अध्यक्ष डॉ. कैलाश उनियाल, पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. उदय शंकर तथा संयुक्त निदेशक डॉ. नारायण सिंह नेगी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ के रूप में डॉ. अभिषेक चन्द्र सक्सेना, सहायक प्रोफेसर, भारतीय पशुचिकित्सा अनुसंधान संस्थान, बरेली द्वारा पशुओं में अल्ट्रासोनोग्राफी एवं रेडियोलॉजी से संबंधित व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान आधुनिक तकनीकों के उपयोग से पशु रोगों की सटीक पहचान एवं उपचार पर विशेष जोर दिया गया।

इस अवसर पर डॉ. प्रलयंकर नाथ, रजिस्ट्रार, उत्तराखण्ड राज्य पशुचिकित्सा परिषद ने बताया कि परिषद “सतत कौशल विकास कार्यक्रम” के अंतर्गत पशुचिकित्सकों के कौशल उन्नयन को प्राथमिकता दे रही है।

उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, जिससे राज्य में पशुपालन एवं पशुचिकित्सा सेवाओं को और अधिक प्रभावी, उन्नत एवं जनोपयोगी बनाया जा सके। इस प्रशिक्षण से पशुचिकित्सकों के तकनीकी ज्ञान में वृद्धि के साथ-साथ राज्य की पशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को नया आयाम मिलेगा।

देवभूमि खबर

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