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3.61 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में पूर्व शाखा प्रबंधक को सात साल की सजा, 2.85 लाख रुपये जुर्माना

3.61 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में पूर्व शाखा प्रबंधक को सात साल की सजा, 2.85 लाख रुपये जुर्माना
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जयपुर। सीबीआई की विशेष अदालत ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र की गोपालपुरा बाईपास शाखा, जयपुर में हुए 3.61 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में तत्कालीन शाखा प्रबंधक राम भरोस मीणा को सात वर्ष के कठोर कारावास और 2.85 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने मामले में शामिल निजी व्यक्ति माखन लाल मीणा को भी तीन वर्ष के कठोर कारावास तथा 25 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 30 सितंबर 2026 को यह फैसला सुनाया।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र के जयपुर स्थित अंचल कार्यालय की ओर से 3 जून 2016 को दी गई लिखित शिकायत के आधार पर 9 नवंबर 2016 को मामला दर्ज किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक राम भरोस मीणा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए 15 जनवरी 2015 से 6 मई 2015 के बीच 17 खातों में बिना वैध ऋण आवेदन, आवश्यक दस्तावेज और पर्याप्त सुरक्षा के ऋण स्वीकृत किए।

जांच में सामने आया कि आरोपी शाखा प्रबंधक ने नियमों को दरकिनार करते हुए धोखाधड़ी और कूटरचना के माध्यम से बैंक को करीब 3.61 करोड़ रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाई। मामले की जांच पूरी करने के बाद सीबीआई ने 9 जुलाई 2020 को दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। अदालत ने 1 दिसंबर 2021 को आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए।

मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और दलीलों पर विचार करने के बाद सीबीआई अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी पाया। अदालत ने राम भरोस मीणा को सात वर्ष के कठोर कारावास के साथ 2.85 लाख रुपये का जुर्माना तथा माखन लाल मीणा को तीन वर्ष के कठोर कारावास के साथ 25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

देवभूमि खबर

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