कैची धाम में उफान पर शिप्रा नदी, मंदिर क्षेत्र में पानी का सैलाब; नैनीताल में 47 मार्ग बंद

रिपोर्ट : ललित जोशी
नैनीताल। जनपद नैनीताल समेत पूरे उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भवाली-अल्मोड़ा मार्ग पर स्थित विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में भी बारिश का असर दिखाई दे रहा है। बाबा नीम करौली महाराज मंदिर के समीप बहने वाली शिप्रा नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र में सैलाब जैसी स्थिति बनी हुई है।
हालांकि, अभी तक मंदिर क्षेत्र में किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह लगातार मूसलाधार बारिश जारी रही तो शिप्रा नदी विकराल रूप धारण कर सकती है और नुकसान की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
बारिश के चलते नैनीताल जनपद के विभिन्न पर्वतीय क्षेत्रों में पहाड़ियों से पत्थर गिरने और भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई राज्य मार्ग, प्रमुख मार्ग और ग्रामीण सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें। साथ ही नदी, गाड़-गधेरे एवं अन्य जलस्रोतों के आसपास न जाने और उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
मूसलाधार बारिश के मद्देनजर जिला प्रशासन ने 2 सितंबर 2026, बुधवार को जनपद नैनीताल के कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिवसीय अवकाश घोषित किया है।
जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद में सबसे अधिक 217 एमएम बारिश स्नोव्यू क्षेत्र में दर्ज की गई, जबकि सबसे कम 14.6 एमएम बारिश रामनगर में रिकॉर्ड हुई। बारिश के कारण जिले में कुल 47 मार्ग बंद बताए गए हैं। इनमें 3 राज्य मार्ग, 2 प्रमुख मार्ग, 1 जिला मार्ग और 41 ग्रामीण मार्ग शामिल हैं।
बंद मार्गों को खोलने के लिए प्रशासन की ओर से जेसीबी मशीनों और कर्मचारियों को तैनात किया गया है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
