रेशम उद्योग को मिलेगा नया आयाम: कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किया रेशम कृषि मेले का उद्घाटन
देहरादून। क्षेत्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान केंद्र, देहरादून एवं भीमताल-नैनीताल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय रेशम कृषि मेले का आज कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मंत्री ने रेशम विभाग की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और रेशम उत्पादन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले छह प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया।
मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड की पर्यावरणीय परिस्थितियां रेशम उत्पादन के लिए अनुकूल हैं, जिससे यह ग्रामीण आर्थिकी को मजबूत करने, रोजगार बढ़ाने और पलायन रोकने में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने बताया कि बाईवोल्टीन रेशम कोया उत्पादन में उत्तराखंड की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय स्तर की है और राज्य के मैदानी व तराई क्षेत्रों में इसकी बड़ी संभावनाएं हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ओक टसर, मूगा और एरी रेशम जैसे वन्या रेशम उत्पादन को भी बढ़ावा दे रही है। इस पहल से स्थानीय लोगों को अपने गांवों में ही रोजगार मिलेगा और पलायन की समस्या कम होगी।
कृषि मंत्री ने बताया कि इस वर्ष से “रेशम ककून क्राफ्ट” योजना की शुरुआत की गई है, जिसके तहत महिला रेशम कृषक रेशम कोयों से आकर्षक ककून क्राफ्ट उत्पादों का निर्माण कर रही हैं। ये उत्पाद बाजार में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी हो रही है और उत्तराखंड के रेशम उद्योग को नई पहचान मिल रही है।
उन्होंने बताया कि रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों को वृक्षारोपण, कीटपालन भवन और कीटपालन उपकरणों की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके अलावा, रेशम कीटपालकों को प्रशिक्षित करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड को देश में रेशम उत्पादन का हब बनाया जाए। इसके लिए तकनीकी उन्नयन, प्रशिक्षण और अनुदान सहायता के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को रेशम विभाग की योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार हमेशा किसानों के हितों की रक्षा के लिए तत्पर रहेगी और आने वाले वर्षों में उत्तराखंड के रेशम उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचेंगे।
रेशम कृषि मेले में सैकड़ों की संख्या में किसान पहुंचे और उन्होंने रेशम पालन की नवीनतम तकनीकों, सरकारी योजनाओं और बाजार के नए अवसरों के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान छह प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया, जिनमें बागेश्वर के दीवान सिंह कपकोटिया, भीमताल के अमित कुमार, चकराता के खजान सिंह, देहरादून की फूलवती देवी, संतोष और लक्ष्मी देवी शामिल हैं।
कार्यक्रम के अंत में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने परिसर में शहतूत का पौधा भी रोपा, जो रेशम कीटपालन के लिए आवश्यक होता है।
इस अवसर पर देहरादून जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, निर्वतमान रेशम फेडरेशन अध्यक्ष अजीत चौधरी, डायरेक्टर प्रदीप, निदेशक एन.बी. चौधरी, प्रबंध निदेशक ए.डी. शुक्ला, निदेशक रेशम प्रदीप कुमार सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

