हरिद्वार।नहर पटरी पीर मंगलौर के पास हुए ब्लाइंड मर्डर केस का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। एसएसपी हरिद्वार श्री नवनीत सिंह ने पत्रकार वार्ता के दौरान पूरे प्रकरण का राजफाश करते हुए बताया कि शराब की तलाश में हुई दोस्ती पैसों के लालच में हत्या में बदल गई। मामले में छपार निवासी एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त पत्थर, खून से सनी जैकेट और लूटी गई ₹20 हजार की नगदी बरामद की गई है।
एसएसपी ने जानकारी दी कि दिनांक 17-02-2026 को पुराने पीर के पास मंगलौर नहर पटरी मार्ग पर एक व्यक्ति का शव मिलने की सूचना पर कोतवाली मंगलौर पुलिस मौके पर पहुंची। शव के सिर पर गहरे घाव और पत्थर से कुचले जाने के निशान पाए गए। मृतक की पहचान घोसीपुरा मंगलौर निवासी प्रदीप के रूप में हुई। मृतक के चचेरे भाई की तहरीर पर कोतवाली मंगलौर में मु0अ0स0-110/2026 धारा 103(1) बीएनएस बनाम अज्ञात पंजीकृत किया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नवनीत सिंह द्वारा कोतवाली मंगलौर और सीआईयू रुड़की की संयुक्त टीम गठित की गई। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वाड की मदद से घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए।
जांच के दौरान आसपास के क्षेत्रों की जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन सुबह मृतक एक अज्ञात व्यक्ति के साथ मोटरसाइकिल से घटनास्थल की ओर गया था। संदिग्ध की तलाश में पुलिस टीम देवबंद तिराहे के पास पहुंची, जहां हुलिए के आधार पर एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम विनायक त्यागी पुत्र विजेंद्र त्यागी निवासी बरला थाना छपार जिला मुजफ्फरनगर, हाल निवासी सराय ज्वालापुर, हरिद्वार बताया। उसने बताया कि 17 फरवरी को वह अपने घर जाने के लिए रुड़की में इंतजार कर रहा था। शराब पीने की इच्छा होने पर वह बस अड्डे के पास ठेके पर गया, जहां मृतक से उसकी मुलाकात हुई। ठेका बंद होने के बाद दोनों रामपुर चुंगी स्थित ठेके से शराब लेकर नहर पटरी के पास बाग में पहुंचे और शराब पीने लगे।
एसएसपी के अनुसार, बातचीत के दौरान आरोपी को पता चला कि मृतक के पास नकदी है। पैसों की तंगी और लालच में उसने पहले नशे में धुत प्रदीप का गला दबाया और फिर पास पड़े पत्थर से सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद वह मृतक की जेब से ₹20 हजार निकालकर फरार हो गया।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त पत्थर, खून से सनी जैकेट और लूटी गई ₹20 हजार की नगदी बरामद कर ली है। आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई जारी है।
एसएसपी हरिद्वार ने खुलासा करने वाली पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि गंभीर अपराधों के प्रति पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी।
पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह, व0उ0नि0 मनोज गैरोला, उ0नि0 प्रवीण बिष्ट, उ0नि0 अशोक सिरसवाल, अ0उ0नि0 श्यामबाबू, है0का0 माजिद खान, है0का0 अमित शर्मा तथा सीआईयू टीम के उ0नि0 संजय पुनिया, अ0उ0नि0 अश्वनी यादव, है0का0 मनमोहन भंडारी, का0 महिपाल तोमर, का0 राहुल, का0 अजय काला और का0 उबैद शामिल रहे।

