राज्य आंदोलनकारी अरुण चमोली के आकस्मिक निधन पर आंदोलनकारी मंच ने जताया शोक, दी श्रद्धांजलि
देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच द्वारा राज्य आंदोलनकारी अरुण चमोली के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। मंच की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती ने जानकारी दी कि शनिवार दोपहर ब्रेन हेमरेज के कारण अरुण चमोली का निधन हो गया था। उनका अंतिम संस्कार आज सुबह ऋषिकेश स्थित पूर्णानंद घाट में किया गया।
प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती ने बताया कि अरुण चमोली के छोटे भाई अधीर चमोली से जानकारी प्राप्त कर सभी राज्य आंदोलनकारियों व अन्य साथियों को उनके निधन की सूचना दी गई, जिससे सभी में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार सुबह लगभग 9:30 बजे बड़ी संख्या में राज्य आंदोलनकारी, समाजसेवी एवं कांग्रेस से जुड़े लोग उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए ऋषिकेश पहुंचे। अंतिम संस्कार के दौरान उनके भाई अधीर चमोली एवं अजय चमोली ने मुखाग्नि दी।
इस अवसर पर जगमोहन सिंह नेगी, प्रदीप कुकरेती एवं रामलाल खंडूड़ी ने बताया कि अरुण चमोली छात्र जीवन से लेकर राज्य आंदोलन के समय तक एक जुझारू आंदोलनकारी रहे। राज्य आंदोलन के दौरान हुए प्रत्येक बंद और चक्का जाम में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसे आंदोलनकारी कभी भुला नहीं सकते।
सभी राज्य आंदोलनकारियों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
शोक व्यक्त करने वालों में मुख्य रूप से आंदोलनकारी मंच के सलाहकार केशव उनियाल, प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी, पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष अशोक वर्मा, महासचिव रामलाल खंडूड़ी, प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती, प्रदेश उपाध्यक्ष सतेंद्र भंडारी, रविन्द्र जुगरान, पृथ्वी सिंह नेगी, विजय प्रताप मल्ल, अखिलेश उनियाल, पूर्व प्रधान अनुज नौटियाल, विपुल नौटियाल, हरी सिंह मेहर, सुशील चमोली, मनोज नौटियाल, राकेश नौटियाल, सुमित थापा, विनोद असवाल, सतेंद्र नौगांई, प्रभात डंडरियाल, गणेश डंगवाल, राजेश पांथरी, सत्या पोखरियाल, सुलोचना भट्ट, राधा तिवारी, द्वारिका बिष्ट, तारा पाण्डे, शकुन्तला रावत, रामेश्वरी नेगी, अरुणा थपलियाल सहित अनेक राज्य आंदोलनकारी व गणमान्य लोग शामिल रहे।

