रेस्ट कैंप को नशा मुक्त बनाने की मुहिम तेज़, नशे के कारोबारियों ने भविष्य में नशा न बेचने का दिया आश्वासन
देहरादून। नशा मुक्त रेस्ट कैंप अभियान के तहत रविवार को मद्रासी कॉलोनी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में क्षेत्र में नशे का कारोबार करने वाले कुछ लोग और स्थानीय निवासी आमने-सामने आए। बैठक का उद्देश्य था—रेस्ट कैंप क्षेत्र को हर हाल में नशा मुक्त बनाना।
इस बैठक में हमारी ओर से यह स्पष्ट रूप से कहा गया कि यदि इस कार्य के लिए किसी भी स्तर पर संघर्ष करना पड़ा तो सभी मिलकर संघर्ष करेंगे। चौंकाने वाली बात यह रही कि नशा बेचने वाले कुछ लोगों ने भी मंच पर यह स्वीकार किया कि वे भविष्य में इस कार्य को नहीं करेंगे और ना ही किसी और को इसकी अनुमति देंगे। उन्होंने सरकार को इस बाबत एफिडेविट देने की भी बात कही कि वे अब नशे का धंधा नहीं करेंगे।
स्थानीय लोगों ने भी उन्हें स्पष्ट रूप से समझाया कि यदि भविष्य में कोई भी व्यक्ति रेस्ट कैंप या आसपास के क्षेत्र में नशा बेचता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें जेल की सजा के साथ-साथ उसकी संपत्ति और मकान पर भी कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
बैठक में मौजूद लोगों ने इन शर्तों पर सहमति जताई, लेकिन स्थानीय नागरिकों ने यह भी कहा कि इन कारोबारियों पर पूरी तरह से विश्वास करना अभी कठिन है। इसलिए उन पर निरंतर निगरानी बनाए रखने की आवश्यकता है, जिसके लिए क्षेत्र के लोग भी पूरी तरह तैयार हैं।
यह बैठक रेस्ट कैंप को नशा मुक्त क्षेत्र घोषित करने की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में देखी जा रही है।

