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अल्मोड़ा के रीठागाड पट्टी के कनारीछीना में छैरणी के दिन सभी महिलाए एकटठा होकर छोडा चांचरी के साथ करती हैं होली का समापन

अल्मोड़ा के रीठागाड पट्टी के कनारीछीना में छैरणी के दिन सभी महिलाए एकटठा होकर छोडा चांचरी के साथ करती हैं होली का समापन
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अल्मोड़ा । रीठागाड पट्टी का ये मां भगवती मंदिर अल्मोड़ा व बागेश्वर के सीमांत एरिया रीम में है। यह भगवती मंदिर में रीठागाड पट्टी के तीन चार गांवों की मात्र शक्ति होली पावन पर्व को अपनी पुरानी परम्परा झोडा चांचरी के द्धारा विधिवत ढंग से मनाती हैं।

पांच दिवसीय होली कार्यक्रम के बाद ये मंदिर में छैरणी के दिन सभी महिलाए एकटठा होकर छोडा चांचरी के साथ होली समापन समारोह करती है।छैरणी के अगले दिन में तीन चार गांवों की महिलाओं के द्धारा मां भगवती मंदिर रीमागडा में एक भंडारा किया जाता है। इस भंडारे सभी गांवों वालों भोजन कराया जाता है और अपने अपने रिश्तेदार लोगों को भी होली भंडारा में प्रसाद ग्रहण केलिए आमंत्रित किया जाता है।।

रीठागाडी दगड़ियों संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रताप सिंह ने बताया वैसे भी रीठागाड क्षेत्र स्वर्गीय मोहन सिंह रीठागाडी लोककलाकार व स्वर्गीय लोकलाकार प्रताप सिंह के नाम जाना जाता है।ये दोनों कुमाऊं मंडल के अद्भुत लोक कलाकार माने जाते थे।आज भी ऐसे लोकप्रिय कलाकारो की उजह से रीठागाड क्षेत्र को रंगीली रीठागाड के तौर पर जाना जाता है।

देवभूमि खबर

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