नैनीताल में प्रदर्शन के दौरान अभद्र व्यवहार पर IPS और PPS एसोसिएशन सख्त, घटना की कड़ी निंदा

देहरादून। नैनीताल में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित रूप से अभद्र एवं आपत्तिजनक भाषा के प्रयोग और अमर्यादित व्यवहार को लेकर उत्तराखण्ड IPS ऑफिसर्स एसोसिएशन तथा उत्तराखण्ड प्रांतीय पुलिस सेवा (PPS) एसोसिएशन ने कड़ी नाराजगी जताई है। दोनों संगठनों ने अलग-अलग पत्र जारी कर घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है।
IPS एसोसिएशन ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति को विरोध एवं असहमति व्यक्त करने का अधिकार है, लेकिन इस अधिकार की आड़ में किसी लोक सेवक के साथ गाली-गलौज, अभद्रता, अपमानजनक व्यवहार अथवा सरकारी कार्यालय की गरिमा भंग करना उचित नहीं है। एसोसिएशन ने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में इस प्रकार का आचरण संबंधित अधिकारी के अपमान के साथ-साथ पुलिस सेवा की संस्थागत गरिमा और प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति भी गंभीर असम्मान को दर्शाता है।
वहीं, उत्तराखण्ड प्रांतीय पुलिस सेवा (PPS) एसोसिएशन ने भी घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, अनुचित एवं निंदनीय बताते हुए कहा कि राजनीतिक असहमति लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा है और उसका सम्मान किया जाना चाहिए। हालांकि, विरोध व्यक्त करते समय मर्यादा, शालीनता एवं संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान का पालन आवश्यक है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि किसी भी लोक सेवक के साथ अभद्र भाषा, अपमानजनक व्यवहार अथवा सरकारी कार्यालय की गरिमा को ठेस पहुंचाने का अधिकार किसी को नहीं है।
दोनों पुलिस सेवा संगठनों ने कहा कि विरोध और असहमति लोकतांत्रिक अधिकार हैं, लेकिन इन्हें संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप ही व्यक्त किया जाना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों से लोक सेवकों के पद, दायित्व और गरिमा का सम्मान बनाए रखने की अपेक्षा की है।
IPS एसोसिएशन की ओर से कार्यकारी सचिव बरीन्द्रजीत सिंह, IPS तथा PPS एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष स्वतंत्र कुमार सिंह, PPS ने पत्र जारी कर घटना की निंदा की है।

