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कोचिंग केन्द्र प्रबन्धकों तथा उनके शिक्षकों को किया गया सम्मानित: बिट्टू कर्नाटक

कोचिंग केन्द्र प्रबन्धकों तथा उनके शिक्षकों को किया गया सम्मानित: बिट्टू कर्नाटक
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अल्मोडा । वरिष्ठ कांग्रेसी नेता/पूर्व दर्जा मंत्री बिट्टू कर्नाटक द्वारा अपने कैम्प कार्यालय में अल्मोडा के कोचिंग केन्द्र प्रबन्धकों तथा उनके शिक्षकों को सम्मानित किये जाने हेतु एक सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया । कार्यक्रम में अल्मोडा के अधिकांश कोचिंग सैन्टरों के प्रबन्धकों तथा उनके शिक्षकों द्वारा प्रतिभाग किया गया । श्री कर्नाटक ने सभी अतिथियों का स्वागत, अभिनन्दन किया तथा उन्हें अंगवस्त्र व प्रतीक चिन्ह से सम्मानित किया ।

कार्यक्रम में सर्वप्रथम कोचिंग केन्द्र प्रबन्धकों तथा उनके शिक्षकों द्वारा अपने विचार रखे गये । उन्होंने कहा कि आज उनके लिये एक ऐतिहासिक दिन है जब किसी जनप्रिय समाजसेवी द्वारा उन्हें सम्मानित किये जाने की पहल की गयी और कोचिंग केन्द्र के महत्व को समझते हुये उनके मनोबल को बढाने व प्रोत्साहित किये जाने हेतु यह कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें सम्मानित किया गया । जिसके लिये सभी संस्थायें श्री कर्नाटक का आभार व्यक्त करते हुये उन्हें धन्यवाद प्रेषित करते हैं । उन्होंने कहा कि श्री कर्नाटक समाज के लिये एक आदर्श एवं प्रेरणाश्रोत हैं जिन्होंने अपने व्यक्तिगत संसाधनों से समाज की हर सम्भव मदद की और युवाओं को भटकाव के मार्ग से बचाने के लिये उन्हें खेलों से जोडने के लिये विभिन्न प्रकार की खेल सामग्री उपलब्ध करायी । समाज के प्रति उनका यह सार्थक प्रयास एवं योगदान सदैव याद रखा जायेगा ,इसके लिये उनकी जितनी भी सराहना की जाय व कम होगी । उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता अर्जित कराने के लिये कोचिंग केन्द्रों की अहम भूमिका होती है किन्तु कोरोना महामारी में विद्यालय बन्द होने तथा प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन न होने से कोचिंग केन्द्रों का कार्य प्रभावित हुआ है तथा उन्हंे आर्थिक कठिनाईयों का सामना करना पडा,किन्तु पुनः अब वे कोचिंग केन्द्रों के शिक्षण कार्य तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को सुचारू कराने में सफल रहे हैं ।

श्री कर्नाटक ने अपने सम्बोधन में कहा कि प्रतिस्पर्धा के दौर में कोचिंग केन्द्रों का महत्व बहुत बढ गया है क्योंकि कोचिंग केन्द्र एक सही मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं । साथ ही इन संस्थानों में छात्र/छात्राओं का रिवाइजिंग कांसेप्ट पूर्ण होता है । ये संस्थान प्रतिभा के साथ -प्रबंधन की शिक्षा देने , समय सदुपयोग का प्रशिक्षण देने और सभी विषयों के प्रश्नों का उत्तर ससमय तैयार करने की शिक्षा प्रदान करते हैं । कोचिंग संस्थानों की अध्ययन सामग्री परीक्षा के लिये आवश्यक और महत्वपूर्ण पहलुओं को कवर करने में अधिक सक्षम है । कोचिंग कक्षाओं द्वारा नियुक्त शिक्षकों के पास बहुत ज्ञान और अनुभव होता है ,इसलिये वे आकांक्षियों का सफलता की ओर प्रभावी ढंग से मार्गदर्शन कर सकते हैं जिससे उनकी कमजोरियों को ताकत में बदलने में मदद मिलती है । उन्होंने कहा कि इन संस्थानों के शिक्षक छात्रों में नैतिक मूल्यों की समझ विकसित करते हैं और उनका मार्गदर्शन करने के साथ ही उन्हें सही मार्ग पर चलने तथा उच्च मुकाम हासिल करने के लिये प्रोत्साहित करने का कार्य करते हैं ताकि विद्यार्थी बोर्ड परीक्षाओं/प्रतियोगी परिक्षाओं में सफलता अर्जित करने में सक्षम हो सकें ।

श्री कर्नाटक ने अपने संवाद में कहा कि आज नशा/मादक पदार्थ समाज में बुरी तरह हावी हो चुका है जो युवाओं को खोखला करने का काम कर रहा है । जिससे युवा मानसिक व शारीरिक रूप से अक्षम हो रहे हैं तथा अनेक बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। उन्होने समाज में तेजी से फैल रहे नशे रूपी दानव से विद्यार्थियों /युवाओं को दूर करने हेतु कोचिंग संस्थान के प्रबन्धकों से अनुरोध किया कि वे अल्प समय इन बुराइयों से दूर रहने के लिये छात्र/छात्राओं को जागरूक करें । उन्होंने संस्थान के प्रबन्धकों तथा शिक्षकों को धन्यवाद दिया कि उनके द्वारा आमंत्रित किये जाने पर वे कैम्प कार्यालय में उपस्थित हुये तथा उनके आतिथ्य को स्वीकार किया ।

इस अवसर पर मुख्य रूप से राजेश अल्मियां,भरत भूषण,भूपेश भोजक,हेम चन्द्र जोशी,डा.करन कर्नाटक,दिव्या पाटनी,चित्रा खाती,रश्मि काण्डपाल सहित अनेकों गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे । कार्यक्रम का संचालन हर्षिता तिवारी द्वारा किया गया ।

           

देवभूमि खबर

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