संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रस्तावित चर्चा के मद्देनजर किया गया स्थगन: प्रो सुरेखा डंगवाल
दून विश्वविद्यालय द्वारा सुप्रसिद्ध पर्यावरणविद् व चिपको आंदोलन की सूत्रधार गौरा देवी की स्मृति में हर वर्ष आयोजित होने वाली गौरा देवी राष्ट्रीय वाद-विवाद प्रतियोगिता का इस वर्ष का संस्करण ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम (2023)’ , विषय पर निर्धारित किया गया है इस प्रतियोगिता की तिथि 17 अप्रैल को निर्धारित की गई थी जिसमें देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं शैक्षणिक के संस्थानों के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग करने के लिए पंजीकरण किया है। यह प्रतियोगिता समावेशी और प्रगतिशील विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है क्योंकि इस तरह के आयोजन युवाओं के सृजनशील एवं रचनात्मक विचारों को एक मंच प्रदान करते हैं, साथ ही गौरा देवी जैसी मातृशक्ति के कार्यों एवं उनके जीवन दर्शन से नई पीढ़ी को साक्षात्कार करने का एक अनवरत प्रयास है ।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो सुरेखा डंगवाल ने बताया कि भारत की संसद में 16, 17 और 18 अप्रैल 2026 को नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा की सूचनाओं के कारण इस प्रतियोगिता की निर्धारित 17 अप्रैल की तिथि स्थगित की जाती है, और नई तिथि की घोषणा संसद में इस अधिनियम पर चर्चा के उपरांत घोषित की जाएगी । जिससे वाद-विवाद प्रतियोगिता न सिर्फ 2023 के अधिनियम पर केंद्रित रहेगी बल्कि इसमें इन तीन दिनों की संसद की चर्चा और विषयों पर भी विद्यार्थी और प्रतिभागी विस्तार से अपना पक्ष रख सकेंगे। कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय गौरा देवी राष्ट्रीय वाद विवाद प्रतियोगिता आयोजन समिति को अगली तिथि अप्रैल के अंतिम सप्ताह में आयोजित किए जाने का निर्देश जारी किया गया है। प्रतियोगिता के लिए पहले से पंजीकृत सभी टीमें यथावत पंजीकृत रहेंगी और उनकी सहभागिता नई तिथियों के अनुसार सुनिश्चित की जाएगी।

