स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में छात्र संसद के जरिए बजट 2025-26 का विश्लेषण

स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में छात्र संसद के जरिए बजट 2025-26 का विश्लेषण
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देहरादून।दून विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में एमबीए विद्यार्थियों ने वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2025-26 के केंद्रीय बजट का छात्र संसद के माध्यम से विस्तार से विश्लेषण किया। इस दौरान प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री, नेता प्रतिपक्ष, शिक्षा मंत्री, रक्षा मंत्री सहित विभिन्न मंत्री पदों की भूमिका में छात्रों ने बजट पर अपने विचार रखे। संसद में स्पीकर की भूमिका निभा रहे साहिल नेगी को सदन की व्यवस्था बनाए रखने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्रधानमंत्री की भूमिका में सिमरन पांडे ने विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बजट की प्रमुख नीतियों पर प्रकाश डाला, जबकि नेता प्रतिपक्ष अमन नेगी ने रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दों पर बजट को अपर्याप्त बताया।

छात्र संसद में वित्त मंत्री की भूमिका में रिद्धिमा जुयाल ने केंद्रीय बजट 2025-26 के प्रावधानों की विस्तृत प्रस्तुति दी। कृषि मंत्री की भूमिका में सचिन नौटियाल ने कृषि धन-धान्य योजना और किसानों की आय दोगुनी करने संबंधी योजनाओं पर चर्चा की, वहीं जतिन ने जीरो बजट नेचुरल फार्मिंग की वकालत की। रक्षा मंत्री की भूमिका में इरम खान ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदमों को सराहा, जबकि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री के रूप में अर्णव ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) और स्टार्टअप्स के लिए प्रस्तुत विभिन्न योजनाओं पर चर्चा की। शिक्षा मंत्री प्रियांशु ने प्राथमिक, तकनीकी और उच्च शिक्षा के बजटीय प्रावधानों पर प्रकाश डाला। सड़क परिवहन और ढांचागत विकास के लिए यश पटेल ने पूंजीगत व्यय के महत्व को रेखांकित किया।

सरकार और विपक्ष की बहस के दौरान सत्ता पक्ष की सांसद अंजलि कसाना ने बजट को गरीब, किसान, युवा और महिला हितैषी करार दिया, जबकि विपक्षी सांसद आसना ने इसकी आलोचना करते हुए कहा कि यह बजट वास्तविकता के धरातल से काफी दूर है और इसमें ग्रामीण विकास, शिक्षा की गुणवत्ता एवं स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए पर्याप्त धनराशि का प्रावधान नहीं किया गया है।

कार्यक्रम के अंत में स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के डीन प्रोफेसर एच.सी. पुरोहित ने विद्यार्थियों को बजट विश्लेषण और आर्थिक सर्वेक्षण के तकनीकी पहलुओं से अवगत कराते हुए कहा कि बजट विश्लेषण पर आधारित इस सत्र से विद्यार्थियों को उद्योग, व्यवसाय, उद्यमिता और कॉर्पोरेट जगत से जुड़े आर्थिक तंत्र को समझने और उसका विश्लेषण करने की क्षमता विकसित करने में सहायता मिलेगी।

देवभूमि खबर

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