भराड़ीसैण विधानसभा सत्र : सचिवालय संघ ने स्थायी ढाँचे और सुविधाओं की माँग उठाई
देहरादून।भराड़ीसैण गैरसैण में चल रहे विधानसभा सत्र को लेकर उत्तराखंड सचिवालय संघ ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कई अहम मुद्दों पर ध्यान दिलाया है। संघ ने कहा कि विधानसभा सत्र को सुचारू रूप से संपन्न कराना अधिकारियों और कर्मचारियों का नैतिक कर्तव्य है, जिसे निभाने के लिए सचिवालय के अधिकारी और कार्मिक दिन-रात जुटे हुए हैं।
संघ ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि उत्तराखंड एक पर्वतीय राज्य है, जहाँ बरसात के मौसम में भारी भूस्खलन और आपदाएँ आम बात हैं। इन परिस्थितियों में भी राज्य के अधिकारी और कर्मचारी लगातार आपदा प्रबंधन से लेकर विधानसभा सत्र की तैयारियों तक अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। धराली समेत कई स्थानों पर हाल ही में आयी प्राकृतिक आपदाओं के बीच भी कार्मिकों ने सत्र को सफल बनाने के लिए काम किया है।
पत्र में कहा गया कि राज्य सरकार पहले ही भराड़ीसैण गैरसैण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित कर चुकी है। ऐसे में यह आवश्यक है कि वहाँ स्थायी ढाँचे विकसित किए जाएँ, ताकि विधानसभा सत्र के दौरान आम जनता के साथ-साथ अधिकारियों और कर्मचारियों को भी किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। वर्तमान में केवल विधानसभा सचिवालय द्वारा लगभग पचास कमरे बनाए गए हैं, जबकि नोडल अधिकारियों और अन्य कार्मिकों के लिए पर्याप्त आवास व्यवस्था उपलब्ध नहीं है, जिससे भविष्य में कठिनाई की आशंका बनी रहती है।
सचिवालय संघ ने यह भी कहा है कि सत्र के दौरान महिला कार्मिकों को प्राथमिकता के आधार पर भराड़ीसैण में आवास सुविधा दी जानी चाहिए। साथ ही नोडल अधिकारियों की संख्या सीमित रखी जाए और यदि उनकी उपस्थिति अनिवार्य न हो तो उन्हें समय रहते कार्यमुक्त कर दिया जाए। संघ का यह भी सुझाव है कि विभाग और शासन स्तर पर सूचना आदान-प्रदान के लिए एक ही नोडल अधिकारी को नामित किया जा सकता है।
संघ ने मांग उठाई है कि विधानसभा सचिवालय की तर्ज पर उत्तराखंड सचिवालय के लिए भी भराड़ीसैण में पचास कक्षों की स्थायी इमारत का निर्माण कराया जाए, जिससे आगामी सत्रों में अधिकारियों और कार्मिकों को किसी प्रकार की समस्या न हो। संघ ने विश्वास जताया है कि सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और सत्र को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।

