ई-सिम के झांसे में ₹1.51 करोड़ की साइबर ठगी, एसटीएफ ने बचाए ₹1.45 करोड़
देहरादून।उत्तराखंड एसटीएफ के अधीन संचालित राष्ट्रीय वित्तीय साइबर हेल्पलाइन 1930 ने साइबर अपराध के एक बड़े मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित के ₹1.45 करोड़ से अधिक की धनराशि सुरक्षित कर बड़ी सफलता हासिल की है।
27 जुलाई 2026 को ऊधमसिंहनगर के दिनेशपुर निवासी स्वरूप सिंह ने 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई कि अज्ञात साइबर ठगों ने बैंकिंग आईडी दोबारा सक्रिय कराने के नाम पर ई-सिम जारी कराने का झांसा देकर उनके साथ ₹1,51,06,100 की धोखाधड़ी की। शिकायत मिलते ही 1930 कंट्रोल रूम की टीम ने संबंधित बैंकों और अन्य एजेंसियों से समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप ₹1,45,82,750 की राशि समय रहते होल्ड (फ्रीज) करा दी गई।
एसटीएफ के अनुसार, जुलाई 2026 में एक माह से भी कम अवधि में 1930 कंट्रोल रूम के माध्यम से साइबर अपराध पीड़ितों के लगभग ₹4 करोड़ सुरक्षित कराए जा चुके हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि बैंक खाता, एटीएम, ओटीपी, पिन या यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करें और बैंक खाता किराये या कमीशन पर किसी को उपयोग के लिए न दें। डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस, सीबीआई या ईडी अधिकारी बनकर डराने वाले, संदिग्ध लिंक, फर्जी निवेश योजनाओं और गूगल पर मिले कस्टमर केयर नंबरों से सावधान रहें। किसी भी वित्तीय साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in� पर शिकायत दर्ज करें।

