समाधान दिवस में डीएम ने सुनीं 109 शिकायतें,75 वर्षीय बुजुर्ग महिला को सुरक्षा दिलाने के निर्देश

देहरादून।जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समाधान दिवस में 109 फरियादियों की समस्याएं सुनी गईं। अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों में संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई में भूमि विवाद, अवैध कब्जा, सीमांकन, पारिवारिक विवाद, मुआवजा, आर्थिक सहायता, ऋण माफी और जनसुविधाओं से जुड़े मामलों पर सुनवाई हुई।
समाधान दिवस में एक भावुक मामला भी सामने आया, जिसमें 75 वर्षीय विधवा माया देवी ने अपनी नातिन द्वारा मानसिक उत्पीड़न और घर से बेदखल करने के प्रयास का आरोप लगाते हुए सुरक्षा की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने प्रभारी महिला सेल को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
संपत्ति विवाद से जुड़े मामलों में भी डीएम ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। भगवान देई की शिकायत पर एसडीएम सदर और क्षेत्राधिकारी रायपुर को जांच करने को कहा गया, जबकि कांवली रोड निवासी सुरेन्द्र कुमार की पारिवारिक विवाद संबंधी शिकायत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजी गई।
डोईवाला-भानियावाला-जौली-थानों मार्ग पर बस सेवा नहीं होने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एसीईओ) को तत्काल तलब किया और आमजन की सुविधा के लिए शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
लखवाड़ बांध परियोजना से प्रभावित किसानों को पुनर्स्थापन अनुदान नहीं मिलने के मामले में संबंधित अधिशासी अभियंता से तत्काल रिपोर्ट मांगी गई। वहीं, डोईवाला-प्रेमनगर सड़क चौड़ीकरण के दौरान मकान ध्वस्त होने के बावजूद छह वर्षों से मुआवजा नहीं मिलने की शिकायत पर संबंधित अधिकारियों को पात्र मुआवजे का शीघ्र भुगतान करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा भूमि पैमाइश, डेयरी संघ में कथित अनियमितताओं, पेयजल बिल, अवैध कब्जे, जलापूर्ति बाधित होने, स्कूल फीस माफी तथा आर्थिक सहायता से जुड़े मामलों में भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
समाधान दिवस के समापन पर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई एवं मुख्यमंत्री पोर्टल पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत का संवेदनशीलता, पारदर्शिता और निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) के.के. मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (प्रशा.) स्मृता परमार, एसडीएम विनोद कुमार, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

