देहरादून में बिटकॉइन निवेश घोटाले पर ED की बड़ी कार्रवाई, 8.54 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क

देहरादून में बिटकॉइन निवेश घोटाले पर ED की बड़ी कार्रवाई, 8.54 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क
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देहरादून।प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के देहरादून सब-जोनल कार्यालय ने बिटकॉइन निवेश के नाम पर कथित धोखाधड़ी करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए हेमंत ईश्वर शर्मा की लगभग 8.54 करोड़ रुपये मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियों को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत 31 जुलाई 2026 को अस्थायी रूप से कुर्क (प्रोविजनल अटैचमेंट) कर लिया है।

ईडी ने यह जांच देहरादून के राजपुर थाना में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी, जिसमें हेमंत ईश्वर शर्मा पर BTCFUND.IS नामक वेबसाइट के माध्यम से बिटकॉइन में निवेश का झांसा देकर निवेशकों से ठगी करने का आरोप है। इसी फर्जीवाड़े से संबंधित एक अन्य मामला उधम सिंह नगर जिले के दिनेशपुर थाने में भी दर्ज किया गया था।

जांच में सामने आया कि हेमंत शर्मा ने 2014 से 2018 के बीच करीब पांच वर्षों तक लोगों को बिटकॉइन निवेश पर भारी मुनाफे का लालच दिया। उसने दावा किया कि उसकी कंपनी से कई विदेशी नागरिक जुड़े हुए हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा जीतकर देशभर से बड़ी संख्या में लोगों से धन और बिटकॉइन एकत्र किए गए। पर्याप्त निवेश जुटाने के बाद वेबसाइट अचानक बंद कर दी गई और निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

ईडी की जांच और ब्लॉकचेन विश्लेषण में लगभग 856.23 बिटकॉइन (वर्तमान अनुमानित मूल्य करीब 200 करोड़ रुपये) को अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) के रूप में चिन्हित किया गया। आरोप है कि इन बिटकॉइन को विभिन्न क्रिप्टो एक्सचेंजों के माध्यम से धन शोधन कर अचल संपत्तियां खरीदने, लग्जरी वाहन लेने और देहरादून स्थित आवास के नवीनीकरण में इस्तेमाल किया गया।

जांच में यह भी पाया गया कि हेमंत शर्मा के पास आय का कोई अन्य वैध स्रोत नहीं था। इसके बावजूद उसने देहरादून के पॉश इलाके में एक आलीशान बंगला, दो बीएमडब्ल्यू कारें तथा देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में करोड़ों रुपये की कई अचल संपत्तियां अर्जित कीं।

ईडी इससे पहले भी हेमंत शर्मा की 4.56 करोड़ रुपये मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियां कुर्क कर चुकी है। इस नई कार्रवाई के साथ अब तक कुल 13.10 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं।

हेमंत ईश्वर शर्मा को ईडी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और वह वर्तमान में सुद्धोवाला केंद्रीय कारागार, देहरादून में न्यायिक हिरासत में बंद है। ईडी ने 20 मई 2026 को विशेष पीएमएलए न्यायालय, देहरादून में अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint) दाखिल की थी, जिस पर न्यायालय ने 13 जुलाई 2026 को संज्ञान लिया। मामले की आगे की जांच जारी है।

देवभूमि खबर

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